नई दिल्ली: देश की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके जवानों का संकल्प केवल राष्ट्र की रक्षा तक सीमित नहीं बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने तक फैला हुआ है। जब किसी अस्पताल में मरीज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा होता है तब रक्त की एक बूंद भी उसके लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकती है। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सीआईएसएफ ने स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से समाजसेवा की प्रेरक मिसाल पेश की है।
सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन भारतीय पुलिस सेवा ने स्वयं रक्तदान कर इस अभियान का नेतृत्व किया। उनके इस कदम ने बल के अधिकारियों और कर्मियों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करने वाला संदेश दिया। यह पहल दर्शाती है कि सच्ची बहादुरी केवल चुनौतियों का सामना करने में नहीं बल्कि किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए आगे आने में भी है।
बहरोड़ में 885 यूनिट रक्त संग्रहित
वर्ष 2026 में सीआईएसएफ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के सहयोग से दो बड़े स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 1300 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसी क्रम में एक दिन पहले सीआईएसएफ के एमपीआरटीसी, बहरोड़ में आयोजित रक्तदान शिविर में उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां कुल 885 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
इस शिविर को सफल बनाने में उपमहानिरीक्षक एवं चिकित्सा निदेशक डॉ. साहिनी तिवारी तथा सीआईएसएफ एमपीआरटीसी बहरोड़ के उपमहानिरीक्षक डॉ. धनंजय नाइक का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अधिकारियों कर्मियों और रक्तदान के लिए आगे आए लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को मानव सेवा के एक प्रभावशाली अभियान में बदल दिया।
सुरक्षा के साथ सेवा का भी संकल्प
सीआईएसएफ की पहचान देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने वाले बल के रूप में है। लेकिन रक्तदान जैसे अभियान यह भी बताते हैं कि राष्ट्रसेवा का अर्थ केवल सीमाओं और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन की रक्षा में योगदान देना भी है। रक्तदान से प्राप्त रक्त जरूरतमंद मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और विभिन्न चिकित्सा परिस्थितियों में उपचार करा रहे लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करना स्वास्थ्य सेवाओं को सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीआईएसएफ का यह अभियान समाज को भी संदेश देता है कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज की सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन सकता है। देश की हिफाजत भी, जिंदगी की इबादत भी सीआईएसएफ की वर्दी में सुरक्षा भी, सेवा भी!











