मुज़फ़्फ़रनगर: रामपुर तिराहा स्थित सुंदर नगर कॉलोनी में सड़क और नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में खासा नाराजगी है। पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र की इस कॉलोनी में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की पहल पर सड़क और नाली निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था। कॉलोनीवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए मंत्री का आभार भी जताया था, लेकिन अब निर्माण कार्य में कथित खामियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही से विकास कार्य का लाभ मिलने के बजाय जलभराव की समस्या बढ़ रही है।
नालियों का ढलान गलत, पानी की निकासी बाधित
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, नालियों का निर्माण निर्धारित ढलान के अनुसार नहीं किया जा रहा है। कहीं नाली ऊंची तो कहीं नीची बनाई गई है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। लोगों का दावा है कि कुछ स्थानों पर नालियों की ऊंचाई में करीब डेढ़ फीट तक का अंतर है। कॉलोनी का पानी जिस बाहरी नाले में जाना है, वह लगभग चार फीट गहरा है। इसके बावजूद नालियों का ढलान सही नहीं होने से कई मकानों के बाहर पानी जमा हो रहा है।
सड़क बनने से मकानों के स्तर में अंतर की आशंका
कॉलोनीवासियों को आशंका है कि यदि इसी स्थिति में सड़क निर्माण पूरा कर दिया गया तो कुछ मकान सड़क के बराबर रह जाएंगे, जबकि कई मकान सड़क से नीचे हो जाएंगे। इससे बारिश और घरेलू इस्तेमाल का पानी घरों के बाहर जमा होने की समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले नालियों के ढलान और सड़क की ऊंचाई को ठीक किया जाना जरूरी है।
ठेकेदारों के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद
निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदारों के बीच जिम्मेदारी को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार भारत से शिकायत कर नालियों का निर्माण सही तरीके से कराने की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। ठेकेदार भारत का कहना है कि वह केवल मिट्टी भराव का काम कर रहे हैं, जबकि सड़क और नाली निर्माण की जिम्मेदारी गौरव ठेकेदार की है।
गौरव ठेकेदार का दावा, निवासियों का सवाल
गौरव ठेकेदार ने फोन पर बताया कि निर्माण शुरू होने से पहले कुछ कॉलोनीवासियों के सामने पानी की निकासी दो अलग-अलग दिशाओं में करने का प्रस्ताव रखा गया था। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने इस व्यवस्था पर सहमति जताते हुए सादे कागज पर हस्ताक्षर भी किए थे। हालांकि, शिकायत करने वाले निवासियों का कहना है कि सहमति देने वालों के मकानों के बाहर जलभराव नहीं है, जबकि अन्य घरों के सामने पानी जमा हो रहा है। उनका सवाल है कि कुछ लोगों की सहमति के आधार पर पूरी कॉलोनी की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित क्यों की जा रही है।
IGRS पर शिकायत दर्ज, निरीक्षण की मांग
स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर IGRS के माध्यम से शिकायत भी दर्ज कराई है। इसके बावजूद अभी तक कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और नालियों का ढलान व सड़क की ऊंचाई सही कराकर ही काम पूरा कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत करेंगे।
Reported by: Rohit












