26 लाख के बैंक ऋण का सपना दिखाकर महिला से 29,500 की ठगी, शाहदरा साइबर पुलिस ने दबोचा आरोपी

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कम ब्याज दर पर लाखों रुपये का बैंक ऋण दिलाने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले जालसाजों के खिलाफ शाहदरा जिला साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक महिला को एक्सिस बैंक के माध्यम से 26 लाख रुपये का ऋण दिलाने का भरोसा देकर ऋण प्रक्रिया शुल्क के नाम पर 29,500 रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कथित अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और दो डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब ठगी की रकम के लेन-देन, संभावित सहयोगियों और अन्य वारदातों में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

फोन पर बुना ठगी का जाल, व्हाट्सऐप से हासिल किए दस्तावेज

शाहदरा जिला डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि एक महिला ने साइबर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसे एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने कम ब्याज दर पर एक्सिस बैंक से 26 लाख रुपये का ऋण दिलाने का आश्वासन दिया। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी बातों से महिला का विश्वास जीता और उससे व्हाट्सऐप के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज मंगवा लिए। इसके बाद ऋण प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर महिला से 29500 रुपये स्थानांतरित करा लिए गए। हालांकि रकम मिलने के बाद भी महिला को वादा किया गया ऋण नहीं मिला। अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। इस शिकायत के आधार पर 20 अक्टूबर 2026 को शाहदरा जिले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी संख्या 53/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच ने खोला राज, कपासहेड़ा से गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर की सक्रियता दिल्ली के कपासहेड़ा क्षेत्र में मिली। तकनीकी सुरागों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कपासहेड़ा में छापा मारा और आरोपी कृष्ण कुमार को तलाश कर पकड़ लिया। पूछताछ तथा उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले ऋण प्रक्रिया से जुड़ा था आरोपी, नौकरी छूटने के बाद ठगी का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार 24 वर्षीय आरोपी कृष्ण कुमार बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव का निवासी है। वह पहले ओनपैसा (OwnPaisa) में प्रत्यक्ष विक्रय अभिकर्ता के रूप में काम करता था और बैंक ऋण की प्रक्रिया में सहायता करता था। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, नौकरी छूटने के बाद उसने कथित तौर पर लोगों को आकर्षक ब्याज दरों पर बैंक ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी करना शुरू किया। वर्तमान मामले में भी उसने महिला को 26 लाख रुपये का ऋण दिलाने का भरोसा देकर प्रक्रिया शुल्क के नाम पर रकम हासिल की। पुलिस आरोपी की भूमिका और उसके काम करने के तरीके से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मोबाइल फोन और दो डेबिट कार्ड बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है जिसका इस्तेमाल कथित अपराध में किए जाने की आशंका है। इसके अलावा आरोपी के बैंक खातों से जुड़े दो डेबिट कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाने, ठगी की रकम बरामद करने और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।

इन पुलिसकर्मियों ने संभाली जांच की कमान

इस मामले की जांच के लिए गठित टीम में उपनिरीक्षक सचिन कुमार, हेड कांस्टेबल पुनीत तेवतिया, हेड कांस्टेबल आशीष और हेड कांस्टेबल प्रवीण शामिल रहे। टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कार्रवाई की।

राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि आरोपी के संभावित साथियों की पहचान करने, ठगी की रकम का पता लगाने और यह जांचने में जुटी है कि कहीं वह इसी तरह की अन्य साइबर ठगी की घटनाओं में भी शामिल तो नहीं है।
डीसीपी का संदेश कम ब्याज पर बड़ा ऋण दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अग्रिम शुल्क न दें। बैंक ऋण की पुष्टि संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या वेबसाइट से करें और अपने निजी दस्तावेज तथा बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले पूरी जांच करें।

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