बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को देश की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने का शानदार मंच है राखीगढ़ी महोत्सव: डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा

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हरियाणा: विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राखीगढ़ी में उत्खनन के दौरान प्राप्त हड़प्पा सभ्यता की प्राचीन वस्तुओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर वहां प्रदर्शित उत्पादों एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। स्टॉल संचालकों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं।

राखीगढ़ी महोत्सव: सभ्यता और संस्कृति से जोड़ने का मंच

डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को देश की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने का शानदार मंच है। लगभग पांच हजार वर्ष पहले लोगों का रहन-सहन कैसा था, वे किस प्रकार के वस्त्र पहनते थे, कौन-से आभूषण धारण करते थे, कृषि कैसे करते थे तथा उनके गांव और शहर किस प्रकार विकसित थे, इन सभी सवालों के जवाब राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत से मिलते हैं। यहां प्रदर्शित पुरातात्विक अवशेष लोगों को प्राचीन सभ्यता की उन्नत जीवनशैली, तकनीकी दक्षता और सामाजिक व्यवस्था से परिचित करवाते हैं। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इस प्रकार के महोत्सव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

महोत्सव की अवधि सात दिन करने का निर्णय

उन्होंने बताया कि पहले राखीगढ़ी महोत्सव का आयोजन तीन दिन तक किया जाता था, लेकिन राज्य सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाकर सात दिन कर दी है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, इतिहासकारों, पुरातत्व विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इस ऐतिहासिक स्थल को करीब से जानने का अधिक अवसर मिल रहा है। महोत्सव के माध्यम से प्राचीन विरासत के संरक्षण, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

आधुनिक सुविधाओं से राखीगढ़ी को नई पहचान

पर्यटकों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय राखीगढ़ी में इतनी आधुनिक सुविधाओं की कल्पना करना भी मुश्किल था, लेकिन आज यहां भव्य संग्रहालय, विश्राम गृह और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल की ओर विशेष ध्यान दिया है, जिसके परिणामस्वरूप राखीगढ़ी को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आकर भारत की प्राचीन सभ्यता के गौरव से परिचित हो सकें।

वर्तमान सरकार द्वारा विरासत संरक्षण पर जोर

डिप्टी स्पीकर ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में राखीगढ़ी जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। इसके कारण यहां अनेक कार्य लंबे समय तक अधूरे रहे। वर्तमान सरकार ने विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश और प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों तथा सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिले।

संत-महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए कृष्ण लाल मिढ़ा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संत-महापुरुषों की जयंतियां भी सरकारी स्तर पर मनाई जा रही हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य संतों और महापुरुषों के उच्च विचारों, आदर्शों तथा सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति संत-महापुरुषों के बताए आदर्शों में से एक भी सिद्धांत को अपने जीवन में अपनाए, तो वह अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकता है। ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव, नैतिकता, आपसी भाईचारे और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के विचारों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

नशामुक्त प्रदेश बनाने की अपील

डिप्टी स्पीकर ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है, लेकिन इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

स्टॉलों का दौरा और लोगों से आत्मीय संवाद

महोत्सव के दौरान डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा करते हुए वहां मौजूद पर्यटकों और स्टॉल संचालकों से बातचीत की। उन्होंने मेले के माहौल का आनंद लेते हुए लोगों के साथ कुल्फी और बर्फ की चुस्की का स्वाद लिया। इसके अलावा उन्होंने बच्चों के साथ एक ही प्लेट में पकौड़ियां खाकर उनके साथ आत्मीयता के पल साझा किए। उनके इस सहज और मिलनसार अंदाज ने महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाने के साथ-साथ लोगों को आपस में जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और हरियाणवी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करने का भी अवसर देते हैं।

ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का आह्वान

डिप्टी स्पीकर ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव के माध्यम से प्राचीन सभ्यता की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय उद्यमिता और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचें, अपनी ऐतिहासिक धरोहर को जानें और उसके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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