सेक्टर-5 के अशोक विहार इलाके में बिजली की लंबी कटौती ने हजारों रोजमर्रा की जरूरतों को प्रभावित करने वाली परेशानी खड़ी कर दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात लगभग 10 बजे से उनके घरों में बिजली नहीं आ रही थी। अगले दिन तक आपूर्ति सामान्य नहीं होने पर लोगों ने सड़क पर एकत्र होकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और दूसरे स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों का कहना था कि बिजली के बिना पानी की व्यवस्था चरमरा गई है और बच्चों, नौकरीपेशा लोगों तथा घरेलू कामकाज संभालने वालों के सामने गंभीर मुश्किलें पैदा हो गई हैं।
बिजलीकर्मियों की हड़ताल के बीच उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें
हरियाणा में बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल ने आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गुरुग्राम के प्रभावित निवासियों का कहना है कि उन्हें कर्मचारियों के आंदोलन से आपत्ति नहीं है, लेकिन इसकी कीमत आम परिवारों को नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली कटने के बाद समस्या दूर करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। लोगों ने संबंधित विभाग से आपूर्ति बाधित होने का स्पष्ट कारण बताने की मांग भी की।
घरों में पानी का संकट, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
बिजली बंद रहने का सीधा असर पानी की उपलब्धता पर पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घरों की टंकियां खाली हो गईं और दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया। भोजन तैयार करने, स्नान करने और बच्चों को स्कूल भेजने जैसी सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि पानी भरने के लिए जनरेटर चलवाने के नाम पर एक घंटे के लिए 5,000 रुपये तक मांगे जा रहे थे। हालांकि, यह स्थानीय लोगों की ओर से लगाया गया आरोप है।
लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी कॉलोनी अंधेरे में डूबी हुई थी, जबकि आसपास की कुछ ऊंची इमारतों में बिजली उपलब्ध दिखाई दे रही थी। इसी आधार पर उन्होंने आपूर्ति व्यवस्था में अंतर को लेकर सवाल उठाए। निवासियों ने अधिकारियों से तकनीकी समस्या की जानकारी सार्वजनिक करने और प्रभावित क्षेत्र में बिजली बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
डेढ़ किलोमीटर तक यातायात प्रभावित, पुलिस ने संभाला मोर्चा
लगातार परेशानी से नाराज लोगों ने सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जाम लगभग डेढ़ किलोमीटर तक फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसीपी धर्मजीत समेत अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और रास्ता खोलने का आग्रह किया। बिजली बहाल कराने का भरोसा मिलने के बाद लोगों ने यातायात के लिए रास्ता खोल दिया।
दो घंटे की मोहलत, बिजली लौटने का इंतजार कर रहे निवासी
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से पहले आधे घंटे में बिजली आने की बात कही गई, लेकिन बाद में दो घंटे और प्रतीक्षा करने को कहा गया। लोगों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो वे दोबारा प्रदर्शन कर सकते हैं। फिलहाल प्रभावित परिवारों की मांग है कि बिजली-पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर न होना पड़े।












