नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों दुबई में रहने वाले एक भारतीय पुजारी का वीडियो खूब चर्चा में है। इंस्टाग्राम क्रिएटर जगदीश चावला @jaggy.abroad की चर्चित सीरीज ‘Humans of Dubai’ में मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी शास्त्री नीरज पंडित जी ने विदेश में अपने जीवन, आमदनी और शुरुआती संघर्षों को साझा किया है।
तय सैलरी नहीं, दक्षिणा ही सहारा
नीरज पंडित जी दुबई में रहने वाले भारतीय समुदाय और श्रद्धालुओं के लिए गृह प्रवेश, विवाह, नामकरण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाते हैं। जब उनसे उनकी कमाई को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि एक स्वतंत्र पुजारी के तौर पर उनकी कोई तय तनख्वाह नहीं होती। उनकी पूरी आमदनी भक्तों द्वारा दी जाने वाली दक्षिणा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में कभी किसी पूजा के लिए 500 एईडी यानी लगभग 12,800 रुपये मिल जाते थे, तो कभी केवल 200 एईडी यानी लगभग 5,100 रुपये ही हाथ आते थे।
संघर्ष और अनिश्चितता भरे शुरुआती दिन
दुबई में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए पंडित जी भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि वह दौर बेहद अनिश्चितता और संघर्ष भरा था। हालात ऐसे थे कि सुबह का नाश्ता करने के बाद यह चिंता सताने लगती थी कि शाम के भोजन का इंतजाम कैसे होगा। बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी हर रोज एक नई चुनौती जैसा था।
मुल्क कोई भी हो, प्रेम और सम्मान से रहें
हालांकि, आर्थिक तंगहाली और उतार-चढ़ाव की दास्तां बयां करने के साथ ही पंडित जी ने एक सकारात्मक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि इंसान चाहे किसी भी मुल्क से ताल्लुक रखता हो, सभी को आपसी प्रेम और सम्मान के साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने त्योहारों को एक साझा समुदाय के रूप में मिलकर मनाने की अपील की।












