नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार को एक ही जगह दो अलग-अलग नजारे देखने को मिले। एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लोग तिरंगा लेकर पहुंच रहे थे, तो दूसरी तरफ पालिका बाजार के दुकानदार उनके विरोध में नारे लगा रहे थे। इसी हलचल के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सीजेपी के तिरंगा मार्च के बीच पालिका बाजार के दुकानदारों का एक समूह कनॉट प्लेस पहुंचा। इन व्यापारियों ने सीजेपी के प्रदर्शन का विरोध किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में नारेबाजी की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस के पक्ष में भी नारे लगाए। भीड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में “मोदी-मोदी” के नारे भी लगाए। सीजेपी ने आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में “लेहरा दो तिरंगा” प्रदर्शन की अपील की थी। इसी कार्यक्रम के बीच व्यापारियों का वहां पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। आजतक से बातचीत में एक शख्स ने कहा कि तिरंगा फहराना गलत नहीं है, लेकिन तिरंगे के नाम पर अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
घर से निकलते ही हिरासत में अभिजीत दिपके
कनॉट प्लेस में एक ओर सीजेपी के प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर पहुंचे, जबकि दूसरी ओर दुकानदार प्रदर्शन के विरोध और पुलिस के समर्थन में आवाज उठाते दिखे। तिरंगा लेकर लोगों का आना लगातार जारी रहा। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। खबर के मुताबिक, वे घर से निकलते ही पुलिस की हिरासत में आ गए थे। उनकी हिरासत के बाद भी इलाके में विरोध-प्रदर्शन की गतिविधियां थमी नहीं और माहौल गर्म बना रहा।
नेहा बोरा भी हिरासत में
अभिजीत दिपके के हिरासत में लिए जाने के बाद बाराखंबा रोड पर भी हलचल तेज हो गई। वहां वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्य प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इसी कार्रवाई के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया।
पूरे घटनाक्रम में पालिका बाजार के व्यापारियों की नारेबाजी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। उन्होंने सीजेपी के तिरंगा मार्च का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त और दिल्ली पुलिस का समर्थन किया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में भी नारे गूंजते रहे। एक तरफ तिरंगा लहराने वाले प्रदर्शनकारी थे और दूसरी तरफ उनका विरोध करने वाले व्यापारी, जिससे कनॉट प्लेस का माहौल पूरे दिन तनाव और चर्चा से भरा रहा।












