नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार को सियासी पारा उस वक्त और चढ़ गया, जब एक युवक ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाया। जानकारी के मुताबिक, घटना उस रेस्टोरेंट के बाहर की है, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के नेताओं के लिए लंच का आयोजन किया था। पीड़ित युवक की पहचान श्रीनगर के रहने वाले फहीम नज़ीर के तौर पर हुई है।
सवाल पूछने पर पीटा और दी गाली
फहीम नज़ीर ने आरोप लगाया कि उसने राहुल गांधी से सवाल पूछा था, जिसके बाद कांग्रेस समर्थकों ने उसे घेर लिया और बुरी तरह पीटा। फहीम ने कहा, “1998 में राजीव गांधी पहली बार EVM लाए थे, आप सभी के पास फुटेज है। मैंने राहुल गांधी को गाली नहीं दी, लेकिन मुझे पीटा गया। मैं यह पहल इसलिए कर रहा हूं ताकि देश को समझा सकूं कि देश को नेपाल और बांग्लादेश जैसा बनाने की साजिश रची जा रही है। राहुल गांधी से सवाल पूछना मेरी अभिव्यक्ति की आजादी है।”
बीजेपी का तीखा हमला
इस घटना के सामने आते ही बीजेपी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि जहां राहुल गांधी लंच कर रहे थे, वहीं एक कश्मीरी मुस्लिम युवक को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीटा। उन्होंने कहा, “हम पूछना चाहते हैं कि क्या इस देश में नेहरू-गांधी-वाड्रा परिवार के अलावा किसी और के मानवाधिकार नहीं हैं? आप अपनी मोहब्बत की दुकान में कब तक नफरत बेचते रहेंगे? जो वीडियो सामने आए हैं, उनसे पूरे देश में आक्रोश है। किसी भी राजनीतिक दल को ऐसी हरकत करने का अधिकार नहीं है।”
राहुल गांधी पर महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का आरोप
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का यह व्यवहार भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे शर्मनाक घटनाओं में से एक है। राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए और अराजकता फैलाना बंद करना चाहिए। कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और देश सवाल पूछ रहा है।
CEC के खिलाफ मोर्चेबंदी के बीच बढ़ी सियासत
बता दें कि इन दिनों पूरा विपक्षी INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे लगातार दूसरे दिन गुरुवार को गठबंधन के नेताओं को लंच दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस लंच के बाद विपक्षी नेता CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजघाट तक मार्च कर सकते हैं। इसी सियासी हलचल के बीच कनॉट प्लेस की इस घटना ने विवाद को और हवा दे दी है।











