नई दिल्ली: सड़क पर तेज रफ्तार, एक पल की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी कई बार जिंदगी पर भारी पड़ जाती है। इसी गंभीर संदेश को आम लोगों तक मनोरंजक और प्रभावी अंदाज में पहुंचाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ‘सुरक्षित सफर’ सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के तहत ईस्टन रेंज ट्रैफिक डीसीपी श्वेता चौहान की निगरानी में ट्रैफिक इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत के नेतृत्व में गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल इलाके में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान युग संस्कृति न्यास और ईएफकॉन स्ट्रैबाग के सहयोग से दो स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए, जिनके जरिए लोगों को सड़क पर जिम्मेदारी से चलने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का पहला आयोजन कृष्णा नगर स्थित लाल क्वार्टर मार्केट में हुआ। यहां करीब 150 लोगों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को सुना और समझा। इसके बाद कृष्णा नगर रेड लाइट पर दूसरा नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया जहां लगभग 130 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दोनों आयोजनों में कुल करीब 280 लोगों की भागीदारी रही।
अभिनय के अंदाज में समझाया जिंदगी का असली सबक
युग संस्कृति न्यास की विशेषज्ञ कलाकार टीम ने नुक्कड़ नाटक के जरिए सड़क पर होने वाली लापरवाही के अलग-अलग पहलुओं को जीवंत किया। कलाकारों ने तेज रफ्तार, खतरनाक एवं लापरवाही से वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर विषयों को मनोरंजक लेकिन प्रभावशाली तरीके से लोगों के सामने रखा। नाटक के दौरान कलाकारों ने अपने संवाद और अभिनय के माध्यम से यह समझाने की कोशिश की कि सड़क पर कुछ मिनट बचाने के लिए की गई तेज रफ्तार कभी-कभी पूरी जिंदगी छीन सकती है। वाहन चलाते समय थोड़ी सी सावधानी न केवल चालक की, बल्कि सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों और दूसरे वाहन चालकों की जिंदगी भी सुरक्षित रख सकती है।

रेड लाइट पर रुकी भीड़, संदेश पर टिकी निगाहें
कृष्णा नगर रेड लाइट और लाल क्वार्टर मार्केट जैसे व्यस्त स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम का लोगों पर खास असर देखने को मिला। सड़क से गुजर रहे लोग भी नुक्कड़ नाटक देखने के लिए रुकते नजर आए। कलाकारों ने दर्शकों को कार्यक्रम में शामिल करते हुए सवाल-जवाब और संवाद के जरिए यातायात नियमों के महत्व को समझाया। लोगों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मनोरंजन के साथ दिए गए सड़क सुरक्षा संदेश ने लोगों का ध्यान खींचा और उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि सड़क पर उनकी एक छोटी सी गलती किसी दूसरे परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन सकती है।
सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल कानूनी बाध्यता नहीं है, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना, लापरवाही से ड्राइविंग से बचना और नाबालिगों को वाहन न चलाने देना सड़क हादसों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की इस पहल का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक कर जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ता बनाना है। नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यम के जरिए गंभीर संदेश को सरल भाषा और मनोरंजक शैली में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
एक संदेश जो हर चालक को याद रखना चाहिए
कार्यक्रम के जरिए लोगों तक साफ संदेश पहुंचाया गया कि सड़क पर पहुंचना जरूरी है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना उससे भी ज्यादा जरूरी है। कुछ सेकंड की जल्दबाजी के मुकाबले जिंदगी कहीं अधिक अनमोल है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का यह प्रयास लोगों को यह याद दिलाता है कि सड़क पर हर सफर की असली जीत मंजिल तक सुरक्षित पहुंचने में है।
Reported by- Pankaj Rai












