नई दिल्ली: धर्मनगरी हरिद्वार से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक ताजा उदाहरण देखने को मिला। हरकी पैड़ी क्षेत्र के मालवीय घाट पर स्नान कर रही एक महिला के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों और श्री गंगा महासभा में गुस्सा फैल गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, किसी ने मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही एक महिला का वीडियो बनाकर पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसके बाद कुछ शरारती तत्वों ने इसी वीडियो को डाउनलोड कर एआई तकनीक की मदद से उसमें फेरबदल कर दिया। महिला के कपड़ों को बदलकर उसे आपत्तिजनक अंदाज में पेश किया गया और यह छेड़छाड़ किया गया वीडियो दोबारा सोशल मीडिया पर फैला दिया गया, जिससे देखते ही देखते यह वायरल हो गया।
गंगा महासभा ने जताई नाराजगी
इस घटना की जानकारी मिलते ही तीर्थ पुरोहित समुदाय में खासा आक्रोश देखने को मिला। श्री गंगा महासभा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकत से न सिर्फ एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हरकी पैड़ी की छवि को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, वीडियो में दिख रही महिला मध्य प्रदेश की रहने वाली बताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अगर इस मामले में किसी की तरफ से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
फैक्ट चेक में उठे सवाल
इस बीच कुछ लोगों ने वीडियो का फैक्ट चेक करने की कोशिश की, जिसमें दावा किया गया कि गंगा स्नान वाला मूल वीडियो असली है, जबकि बाद में कपड़े बदलकर वायरल किया गया वीडियो फर्जी और एआई से बनाया गया है। हालांकि वायरल वीडियो की सच्चाई की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। इस पूरी घटना ने एआई तकनीक के दुरुपयोग और धार्मिक स्थलों की छवि को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











