नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपना जन्मदिन मनाएंगे। हर साल 17 सितंबर को उनके जन्मदिन के मौके पर देशभर में समर्थक और शुभचिंतक उन्हें बधाई देते हैं। इस दिन कई जगहों पर उनके लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री भी अपने जन्मदिन पर अलग-अलग सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते रहे हैं। मंदिरों में दर्शन से लेकर लोगों से मुलाकात और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों तक, उनका दिन कई तरह की गतिविधियों से जुड़ा रहता है।
राजनीतिक जीवन के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी की धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था भी अक्सर चर्चा में रहती है। वह समय-समय पर मंदिरों, आश्रमों और दूसरे आध्यात्मिक स्थलों पर जाते रहे हैं। हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं में उनकी गहरी रुचि दिखाई देती है। देवी दुर्गा और भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा भी उनके सार्वजनिक जीवन का एक प्रमुख हिस्सा रही है।
देवी दुर्गा में गहरी आस्था
प्रधानमंत्री मोदी को देवी दुर्गा का भक्त माना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित दुर्गा मंदिरों में वह दर्शन कर चुके हैं और कई मौकों पर धार्मिक अनुष्ठानों में भी हिस्सा लिया है। वह देवी से आशीर्वाद लेते और पूजा-अर्चना करते नजर आए हैं।
पश्चिम बंगाल में मनाई जाने वाली दुर्गा पूजा में भी प्रधानमंत्री की विशेष रुचि रही है। वह अलग-अलग मौकों पर दुर्गा पूजा कार्यक्रमों और पंडालों से जुड़े आयोजनों में शामिल हुए हैं। इन अवसरों पर उनका देवी के प्रति सम्मान और भारतीय परंपराओं से जुड़ाव भी दिखाई देता है।
नवरात्रि के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी की आस्था की चर्चा होती है। इस दौरान वह उपवास रखते हैं और कई बार उनका भोजन फल तथा पानी तक सीमित रहता है। नवरात्रि में देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है और प्रधानमंत्री भी इस अवधि को धार्मिक अनुशासन के साथ मनाते हैं।
उनकी आध्यात्मिक सोच का असर उनके सार्वजनिक जीवन में भी देखने को मिलता है। वह कई बार भारतीय धर्मग्रंथों और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख करते रहे हैं। इन ग्रंथों में बताए गए अनुशासन, जिम्मेदारी और कर्तव्य जैसे विचार उनके भाषणों में भी नजर आते हैं।
भगवान शिव के भी हैं भक्त
देवी दुर्गा के साथ प्रधानमंत्री मोदी की भगवान शिव में भी गहरी आस्था है। भगवान शिव को हिंदू धर्म में ध्यान, योग, परिवर्तन और आध्यात्मिक साधना से जोड़ा जाता है। प्रधानमंत्री कई अवसरों पर शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना कर चुके हैं।
केदारनाथ धाम और काशी विश्वनाथ मंदिर की उनकी यात्राएं खास तौर पर चर्चा में रहती हैं। प्रधानमंत्री कई बार केदारनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने पूजा करने के साथ ध्यान भी किया। उनकी इन यात्राओं की तस्वीरें और वीडियो भी सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं।
महाशिवरात्रि के मौके पर भी प्रधानमंत्री शिव की आराधना करते हैं। इस दौरान उपवास, पूजा और ध्यान जैसी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है। भगवान शिव को योग का प्रथम गुरु भी माना जाता है। ऐसे में योग और ध्यान को लेकर प्रधानमंत्री की सक्रियता को भी उनकी आध्यात्मिक सोच से जोड़कर देखा जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी कई सार्वजनिक मौकों पर भगवान शिव और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख कर चुके हैं। उनकी धार्मिक आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि वह इसे अनुशासन, ध्यान और जीवन के प्रति सोच से भी जोड़ते रहे हैं।












