कनाडा को भारत की दो टूक: “40 साल से आतंकवाद पर चुप रहे”

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नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी आतंकवाद को लेकर चल रहे कूटनीतिक तनाव के बीच भारत ने ओटावा को दो टूक संदेश दिया है. कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने कनाडा की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वहां की सरकार ने दशकों से अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

कनाडा के सरकारी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में पटनायक ने साफ शब्दों में कहा कि यही लापरवाही भारत विरोधी चरमपंथ को बढ़ावा दे रही है और इसके गंभीर नतीजे आज पूरी दुनिया देख रही है.

निज्जर मामले पर भारत का सीधा सवाल

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडाई मीडिया द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पटनायक ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “सबूत कहां हैं? ये सिर्फ आरोप हैं, जिनके पीछे कोई प्रमाण नहीं है. आरोप लगाना आसान है.”

उन्होंने कहा कि कनाडा बार-बार भारत पर “विश्वसनीय जानकारी” होने की बात कहता है, लेकिन आज तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं रख पाया है.

कनाडा पर दोहरा रवैया

हाई कमिश्नर ने कनाडा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब भारत कनाडा में सक्रिय आतंकियों की जानकारी देता है, तो वहां की सरकार सबूतों की कमी का हवाला देकर कार्रवाई से बचती है.

लेकिन जब कनाडा भारत पर आरोप लगाता है, तो वह उम्मीद करता है कि बिना किसी प्रमाण के ही उसे सच मान लिया जाए. पटनायक ने कहा, “जब मैं आरोप लगाता हूं और आप कहते हैं सबूत काफी नहीं, तो मैं मानता हूं. लेकिन जब आप मुझे आरोपित करते हैं और मैं सबूत मांगता हूं, तो आपको भी वैसा ही करना चाहिए.”

एयर इंडिया बम धमाके की याद दिलाई

दिनेश पटनायक ने 1985 के एअर इंडिया बम विस्फोट का भी जिक्र किया, जिसमें 329 लोगों की मौत हुई थी. उन्होंने कहा, “इस हमले की जांच आज तक कुछ नहीं निकाल पाई. कनाडा में आतंकवाद पर 40 साल से बात हो रही है, लेकिन किसी को सजा नहीं हुई.”

उनका कहना था कि इतने बड़े आतंकी हमले के बाद भी दोषियों को सजा न मिलना, कनाडा की आतंकवाद विरोधी नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

भारत एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक देश है

इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने भारतीय सरकार पर भरोसे की कमी की बात कही, तो पटनायक ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक देश है और बिना सबूत के किसी तरह की अवैध कार्रवाई नहीं करता.

उन्होंने स्पष्ट कहा, “अगर कोई व्यक्ति सबूतों के आधार पर दोषी पाया जाता है, तो भारत खुद कार्रवाई करेगा. हमें आपकी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी.”

भारत को किससे आपत्ति है?

पटनायक ने यह भी साफ किया कि भारत को किसी अलगाववादी जनमत संग्रह से दिक्कत नहीं है. भारत की असली चिंता उन लोगों से है जो भारत में अपराधी हैं या विदेश में बैठकर आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं.

उनके मुताबिक, समस्या विचारधारा से नहीं बल्कि हिंसा और आतंकवाद से है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

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