सीतापुर जेल में करीब 23 महीने से बंद सपा नेता आजम खां की रिहाई की संभावना के साथ ही उनके नए राजनीतिक ठिकाने को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं. इन चर्चाओं को तब और जोर मिला, जब उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा की बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात की खबरें सामने आईं. हालांकि, सपा और बसपा दोनों के नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान देने से इनकार किया है. फिलहाल सभी की नजर आजम खां की रिहाई और उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है.
जेल में बंद
आजम खां पर कुल 96 मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में फैसला भी आ चुका है. हाईकोर्ट से 18 सितंबर को मिली जमानत के बाद से उनकी रिहाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं. राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि जमानत के बाद आजम खां का अगला राजनीतिक कदम उनके स्वास्थ्य और परिवार की रणनीति पर निर्भर करेगा.
मायावती से मुलाकात की चर्चाएं
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डॉ. तजीन फात्मा की मायावती से मुलाकात का उद्देश्य सपा और बसपा के बीच गठजोड़ को परखना हो सकता है. हालांकि, आजम खां के करीबी सूत्रों का कहना है कि तजीन फात्मा पिछले कई महीनों से दिल्ली नहीं गई हैं. इसलिए इस मुलाकात की खबरों में कोई ठोस तथ्य नहीं है.
टिकट बंटवारे के समय तल्खी
लोकसभा चुनाव के दौरान सपा में टिकट बंटवारे को लेकर आजम खां और अखिलेश यादव के बीच मतभेद देखा गया था. आजम खां ने रामपुर सीट से चुनाव लड़ने की सिफारिश की थी और मुरादाबाद से रुचिवीरा को उम्मीदवार बनाने की सिफारिश भी की थी. अखिलेश यादव ने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया और रामपुर से मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को उम्मीदवार घोषित कर दिया. इसके चलते सपा के कुछ स्थानीय नेता चुनाव बहिष्कार की चेतावनी देने तक पहुंचे थे.
कहीं नहीं जाएंगे आजम खां
सपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि आजम खां के लिए सपा ही सबसे उपयुक्त मंच है. उनके लिए दूसरे दलों में सक्रिय रहना मुश्किल होगा. पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने भी पुष्टि की कि आजम खां सपा के संस्थापक सदस्य हैं और किसी अन्य पार्टी में जाने की चर्चाएं निराधार हैं.
केसों की संख्या
आजम खां लगभग 23 महीने से जेल में हैं. उनके खिलाफ लगभग 100 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 12 में फैसला आ चुका है पांच में सजा और सात में बरी. वर्तमान में 59 मामले सेशन कोर्ट और 19 मामले मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे हैं. दो जन्म प्रमाण पत्र मामलों में सजा के बाद वे 18 अक्टूबर 2023 को जेल गए थे.
















