ट्रंप का समाधान: इज़राइल से नहीं हो पा रहा, तो हिज़्बुल्लाह को सीरिया सौंप दो!

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Trump solution If Israel can not handle it hand Hezbollah over to Syria

नई दिल्ली: G7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान पर खुलकर नाराजगी जताई। कतर के अमीर से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि अगर इजरायल हिजबुल्लाह को निशाना बनाते हुए आम लोगों को नुकसान पहुंचाए बिना काम नहीं कर सकता, तो यह जिम्मेदारी सीरिया को देनी चाहिए।  

ट्रंप के मुताबिक इजरायल का अभियान ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल को हर किसी को मारे बिना ऑपरेशन चलाना नहीं आता, इसलिए बेहतर होगा कि सीरिया यह काम संभाले। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान एक रूपरेखा शांति समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकने की बात भी शामिल है।  

इजरायल पर ट्रंप के सख्त तेवर   

ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें बेरूत पर इजरायल का हालिया हमला पसंद नहीं आया, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और छह घायल हुए। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका के समर्थन के बिना इजरायल का अस्तित्व संभव नहीं है।  

अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगी के खिलाफ ट्रंप की यह टिप्पणी असामान्य मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल अक्सर पूरे अपार्टमेंट ब्लॉक गिरा देता है, जबकि उन इमारतों में ज्यादातर लोग आम नागरिक होते हैं।  

हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनके संबंध अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान के मामले में इजरायल को ज्यादा जिम्मेदारी से काम लेना होगा।  

लेबनान संघर्ष को बताया छोटा मुद्दा   

ट्रंप ने लेबनान में चल रहे संघर्ष को मामूली बताया और कहा कि असली चुनौती ईरान है। उनके अनुसार हिजबुल्लाह ईरान की एक छोटी लेकिन लगातार परेशान करने वाली इकाई है।  

उन्होंने दावा किया कि सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा भी हिजबुल्लाह को पसंद नहीं करते और वह इसे बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। सीरिया का गृहयुद्ध के दौरान हिजबुल्लाह ने असद सरकार की मदद की थी, लेकिन दिसंबर 2024 में असद शासन के गिरने के बाद स्थिति बदल गई है।  

ईरान समझौते पर ट्रंप का रुख   

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान पर लगी नाकाबंदी हटाने की बात शामिल है। शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होने की संभावना है।  

ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इस दिशा में कदम बढ़ाया तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।  

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कोई पैसा नहीं दे रहा है, भले ही ऐसी चर्चाएं चल रही हों।

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