प्रदर्शन में लूटपाट करने पर सख्त सजा, इटली में दोषियों को 5 साल की जेल और अभिभावकों पर जुर्माने का प्रावधान

0
13

नई दिल्ली: इटली में हिंसक प्रदर्शन, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सुरक्षा से जुड़े नए कानूनों को मंजूरी दी है। इन नियमों के तहत हिंसा करने वालों को पांच साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, अगर तोड़फोड़ या लूटपाट में नाबालिग शामिल पाए जाते हैं, तो उनके माता-पिता को भी आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी पड़ सकती है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी इटली के कई शहरों में हिंसा की घटनाओं के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इनमें मिलान भी शामिल है, जहां युवाओं के समूहों ने दुकानों के शीशे तोड़े, सामान लूटा और पुलिस पर हमले किए।

हिंसक प्रदर्शन करने वालों पर कसेगा शिकंजा

प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर नए कानून की जानकारी देते हुए कहा कि चोरी और तोड़फोड़ को विरोध प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक, ऐसी गतिविधियां अपराध हैं और इनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। नए नियमों के अनुसार, पांच या उससे अधिक लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले व्यक्ति को पांच साल तक की जेल और अधिकतम 20 हजार यूरो का जुर्माना हो सकता है। चेहरा ढककर हिंसा करने या किसी को चोट पहुंचाने पर सजा और बढ़ सकती है।

बच्चों की गलती का खामियाजा भुगतेंगे माता-पिता

नए कानून के तहत नाबालिगों की ओर से की गई तोड़फोड़ और लूटपाट के मामलों में उनके माता-पिता को नुकसान की भरपाई करनी पड़ सकती है। अधिकारियों को इसकी वसूली के लिए तत्काल आदेश देने का अधिकार भी मिला है। इसके अलावा, पुलिस 14 से 17 साल के उन किशोरों को हिरासत में ले सकती है, जिनके खतरनाक होने के ठोस सबूत हों, भले ही उन्होंने कोई अपराध न किया हो।

दोबारा हिंसा की आशंका को देखते हुए मिलान में 2026 के अंत तक पुलिस की मदद के लिए 500 सैनिक तैनात किए जाएंगे। वे संवेदनशील जगहों की सुरक्षा और निगरानी में सहयोग करेंगे। हालांकि, सरकार के फैसलों की आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि सख्त सजा से अपराध के पीछे की सामाजिक और आर्थिक समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इस बीच, दक्षिणी इटली में महंगाई और डीजल की कीमतों के खिलाफ ट्रक चालकों के प्रदर्शन से आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here