नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को देशभर में घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की गई. डेढ़ दिन तक गणपति बप्पा की पूजा करने वाले श्रद्धालु आज 15 सितंबर को उनकी प्रतिमा का विसर्जन करेंगे. इस दौरान भक्त विधि-विधान से पूजा करके बप्पा को श्रद्धापूर्वक विदाई देते हैं. मान्यता है कि गणेश जी को सम्मान के साथ विदा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.
डेढ़ दिन वाले गणपति का आज विसर्जन
पंचांग के अनुसार, डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन 15 सितंबर को किया जाएगा. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार शुभ चौघड़िया में गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं. स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है.
विसर्जन के शुभ मुहूर्त
गणपति विसर्जन के लिए प्रमुख चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं. प्रातः मुहूर्त दोपहर 12:26 से 1:58 बजे तक रहेगा. इसके बाद शुभ अपराह्न मुहूर्त दोपहर 3:31 से शाम 5:03 बजे तक है. सायाह्न का लाभ मुहूर्त रात 8:03 से 9:31 बजे तक रहेगा.
इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:44 से 5:41 बजे, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:51 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 से 3:18 बजे तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 6:35 से 6:59 बजे तक है. रवि योग सुबह 6:17 से दोपहर 3:21 बजे तक रहेगा.
विसर्जन से पहले करें ये काम
विसर्जन से पहले सुबह स्नान कर भगवान गणेश की पूजा करें. उन्हें मोदक और लड्डू का भोग लगाएं और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें. इसके बाद गणेश प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं.
इन नियमों का रखें ध्यान
विसर्जन के समय साफ कपड़े पहनें और काले वस्त्रों से बचें. प्रतिमा को श्रद्धा के साथ जल में प्रवाहित करें. गणेश उत्सव के दौरान सात्विक भोजन करें और किसी से विवाद करने से बचें. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा के विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान और नियमों का पालन करना भी जरूरी है.
डिस्क्लेमर: लेख में बताए गए मुहूर्त और धार्मिक नियम पंचांग तथा मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें अंतिम सत्य न मानें और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करें.












