पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देने और नए निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सीईएटी, सिफी टेक्नोलॉजीज और जेएसडब्ल्यू ग्रुप की निवेश एवं कारोबार विस्तार योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कंपनियों को राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाने और पंजाब में अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में कहा कि पंजाब में शांति, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार घरेलू, व्यावसायिक और कृषि क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का जोर उद्योग अनुकूल नीतियों, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और निवेशकों को सहयोग देने वाली व्यवस्था के माध्यम से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर है।
सन फार्मा तौंसा परियोजना के विस्तार पर करेगी विचार
बैठक में सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बिजनेस एवं एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स से जुड़े सीईओ दामोदरन सतागोपन ने पंजाब में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों को देखते हुए कंपनी की मौजूदा तौंसा परियोजना का विस्तार करने में रुचि व्यक्त की।
सतागोपन के अनुसार, सन फार्मा का वार्षिक कारोबार 48,496 करोड़ रुपये है। कंपनी तौंसा, बलाचौर और मोहाली में परिचालन कर रही है। कंपनी ब्रांडेड दवाओं के कारोबार को बढ़ाने के लिए लाइसेंसिंग, विलय एवं अधिग्रहण (M&A) और आउट-लाइसेंसिंग जैसे विकल्पों पर भी काम कर रही है। पंजाब में संभावित विस्तार से फार्मास्युटिकल क्षेत्र में उत्पादन और संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
सीईएटी की पंजाब में कारोबार बढ़ाने की योजना
आरपीजी ग्रुप के वाइस चेयरमैन अनंत गोयनका ने भी पंजाब में निवेश करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि समूह की टायर निर्माता कंपनी सीईएटी राज्य में अपने कारोबार का विस्तार करने की योजनाएं बना रही है। गोयनका के अनुसार, समूह दक्षिण और पश्चिम भारत में बड़े स्तर पर निवेश कर चुका है और अब पंजाब में विकास की संभावनाएं तलाश रहा है। यदि विस्तार योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो इससे टायर उद्योग और उससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला को लाभ मिल सकता है।
मोहाली में 1,500 करोड़ रुपये का डेटा सेंटर निवेश
सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष दलीप कौल ने मोहाली में एक समर्पित डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। कंपनी ने पंजाब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हॉरिजॉन्टल डेटा सेंटर के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश का निर्णय बताया है।
डेटा सेंटर डिजिटल जानकारी को संग्रहित करने, संसाधित करने और ऑनलाइन सेवाओं को संचालित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराते हैं। AI आधारित तकनीकों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह परियोजना पंजाब में डिजिटल सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप करेगा 1,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश
बैठक के दौरान जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने पंजाब में 1,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने पर सहमति जताई। इस निवेश में जेएसडब्ल्यू स्टील कोटिंग प्रोडक्ट्स की क्षमता बढ़ाने की योजना भी शामिल है। इससे राज्य के स्टील उद्योग में उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।
कुल मिलाकर, इन चर्चाओं में फार्मास्युटिकल, टायर निर्माण, डेटा सेंटर और स्टील जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं सामने आई हैं। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से पंजाब में औद्योगिक विकास, सहायक कारोबार और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, निवेश की घोषणाओं और वास्तविक परियोजना क्रियान्वयन में अंतर होता है। कंपनियों की विस्तृत योजनाओं, मंजूरियों और परियोजनाओं की समयसीमा के आधार पर ही इनके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।











