तेज बारिश के लिए हो जाएं तैयार! दिल्ली समेत 18 राज्यों में IMD की बड़ी चेतावनी

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today weather 22 july
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नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर अपना असर तेज कर दिया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को लेकर लोगों को सतर्क किया है. 22 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है. इस दौरान कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक मानसून सक्रिय बना रह सकता है. इस दौरान देश के करीब 18 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि औसत समुद्र तल पर मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है. इसके अलावा निचले वायुमंडलीय स्तर पर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है. तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को 22 से 25 जुलाई के बीच अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, हरियाणा, केरल और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. कुछ स्थानों पर 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी है.

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में 22 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 23 जुलाई से दिल्ली में कुछ राहत मिल सकती है. इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 24 और 25 जुलाई के लिए कोई बड़ा अलर्ट नहीं है, जबकि 26 जुलाई को फिर से बादल छाए रह सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 22 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है. IMD के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी हिस्सों में 23 और 24 जुलाई को कई स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है. वहीं 26 और 27 जुलाई को भारी बारिश का एक और दौर आ सकता है. पश्चिमी यूपी में 25 से 27 जुलाई के बीच बारिश जारी रहने का अनुमान है.

बिहार में आंधी-बारिश का अलर्ट

बिहार के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश और आंधी की संभावना है. पटना, रोहतास, नवादा और कैमूर समेत कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है. इनमें पटना, गया, रोहतास, नवादा, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, बक्सर, सारण, सिवान, वैशाली, समस्तीपुर और बेगूसराय शामिल हैं. तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.

उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ा खतरा

उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और चंपावत समेत कई जिलों में 22 से 27 जुलाई के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर और सिरमौर में 22 जुलाई को मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है. राज्य में 22 से 27 जुलाई तक बारिश जारी रह सकती है. कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा भी जताया गया है.

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का दौर जारी

जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग ने 22 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गांदरबल, कुपवाड़ा, पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, उधमपुर, कठुआ, सांबा और जम्मू समेत कई इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. 22 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि 25 से 27 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है. इस दौरान करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं.

राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून

राजस्थान में करीब दो सप्ताह के अंतराल के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है. पिछले 24 घंटों में राज्य के पूर्वी हिस्सों में कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, 22 से 26 जुलाई के बीच कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी और एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है.

मध्य प्रदेश में भी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

मध्य प्रदेश में करीब 10 दिनों के बाद मानसून फिर से सक्रिय हुआ है. नीमच, मंदसौर, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, पंचमढ़ी और नरसिंहपुर समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान है. कई स्थानों पर गरज और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है.

पंजाब और ओडिशा में भी बारिश का असर

पंजाब के कई जिलों में 22 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, रूपनगर और मोहाली समेत कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं की संभावना है. 23 और 27 जुलाई को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है.

ओडिशा में 22 से 27 जुलाई तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है. 22 और 24 से 26 जुलाई के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.

झारखंड में भी बारिश का अलर्ट

झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, पलामू और गढ़वा समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान है. 24 और 25 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है. भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. 

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