नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुयुआन के साथ अमेरिका पहुंच गए हैं। इस दौरे की सबसे खास बात यह रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए व्हाइट हाउस में उनका इंतजार करने के बजाय खुद एंड्रयूज एयर फोर्स बेस पहुंचकर उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि लगभग 10 साल के अंतराल के बाद चीनी राष्ट्रपति पहली बार अमेरिकी धरती पर कदम रखा है। वे तीन दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं।
उनके स्वागत के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी एयर बेस पर मौजूद रहीं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ईरान से जुड़े हालात और ताइवान जैसे संवेदनशील विषयों को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान बनी हुई है।
आज होगा स्टेट डिनर
गुरुवार को व्हाइट हाउस में जिनपिंग का औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसमें सैन्य टुकड़ियों का निरीक्षण भी शामिल है। इसके बाद दोनों नेता बंद कमरे में अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। शुक्रवार को दोनों नेता मिलकर नेशनल आर्काइव्स भी जाएंगे। इसके अलावा गुरुवार शाम व्हाइट हाउस में एक भव्य स्टेट डिनर रखा गया है, जिसमें एनविडिया के जेन्सेन हुआंग और स्पेसएक्स के एलन मस्क जैसी दिग्गज टेक हस्तियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि टेक और बैंकिंग जगत की कई बड़ी हस्तियां इस डिनर में शामिल होंगी और उन्हें अफसोस है कि सीटें कम पड़ रही हैं। ईरान को लेकर जिनपिंग से होने वाली बातचीत पर उन्होंने कहा कि इस विषय के साथ-साथ और भी कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
दौरे को लेकर अमेरिकी राजनीति में मतभेद
चीनी राष्ट्रपति के इस भव्य स्वागत पर अमेरिका में सियासी असहमति भी उभरकर सामने आई है। सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के प्रमुख सीनेटर रोजर विकर ने कहा कि चीन से जुड़े गंभीर मसलों को देखते हुए यह आमंत्रण उचित नहीं था। उन्होंने सुझाव दिया कि डिनर के दौरान ट्रंप को चीन के सैन्य विस्तार और ईरान को मिल रहे समर्थन जैसे विषयों पर जरूर बात करनी चाहिए।
वहीं विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस दौरे का बचाव करते हुए कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच उच्च स्तरीय संवाद बेहद जरूरी है। बताया जा रहा है कि ट्रंप अपने नए हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड से भी जिनपिंग को प्रभावित करना चाहते थे। फर्स्ट लेडी मेलानिया ने भी कहा कि चीनी राष्ट्रपति के आगमन पर पूरे सम्मान के साथ स्वागत होना चाहिए।












