नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी दावेदारी सामने रखी है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है और उनका रिकॉर्ड इस पुरस्कार के लिए पर्याप्त आधार देता है। व्हाइट हाउस में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वह अपनी तारीफ नहीं कर रहे, बल्कि उन कामों का जिक्र कर रहे हैं जो उन्होंने किए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अब तक आठ युद्धों या बड़े संघर्षों को सुलझाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए इस तरह के संघर्षों को खत्म कराना आसान नहीं रहा है, लेकिन उन्होंने ऐसा करके दिखाया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में उनकी सूची में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ सकती है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान से जुड़े तनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। इसके बावजूद ट्रंप ने अपने कूटनीतिक प्रयासों को अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया।
नोबेल पुरस्कार को लेकर पहले भी कर चुके हैं दावा
नोबेल पीस प्राइज के लिए ट्रंप की इच्छा नई नहीं है। वह पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें इस सम्मान का दावेदार माना जाना चाहिए। हालांकि, उनके कुछ दावों पर फैक्ट-चेकर्स सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि ट्रंप जिन सभी घटनाओं को युद्ध खत्म कराने से जोड़ते हैं, उनमें से कुछ औपचारिक युद्ध नहीं थे और अलग-अलग मामलों में अमेरिका की भूमिका भी एक जैसी नहीं रही।
रूस में प्लेग के सवाल पर भी बोले ट्रंप
इसी दौरान रूस में प्लेग से जुड़े सवाल पर भी ट्रंप से प्रतिक्रिया मांगी गई। साइबेरिया के एक एंटी-प्लेग रिसर्च सेंटर में काम करने वाली 28 वर्षीय महिला की मौत के बाद कई लोगों को निगरानी में रखा गया है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह मामला बायोवेपन से जुड़ा हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका पता चल जाएगा। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि यह कोई जैविक हथियार है।












