लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय ट्यूशन शिक्षिका के अचानक एक साथ गायब होने की घटना ने कई दिनों तक पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों को गहरी उलझन में डाले रखा। चार अगस्त को घर से निकले नाबालिग छात्र का जब कई घंटों तक कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। इसी बीच यह सनसनीखेज जानकारी सामने आई कि छात्र को ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका भी अपने घर से नदारद हैं। 16 साल के नाबालिग और उससे उम्र में करीब 22 साल बड़ी विवाहित शिक्षिका के एक ही दिन रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने से मामले ने काफी गंभीर रूप ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों की तलाश शुरू की और अंततः छात्र को नोएडा तथा शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया।
ताजगंज से शुरू हुई अनसुलझी कहानी
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा का 16 वर्षीय छात्र अपनी 38 वर्षीय शिक्षिका के साथ लापता हो गया। छात्र 4 अगस्त को स्कूल प्रोजेक्ट के लिए घर से करीब 3 हजार रुपये लेकर निकला था और रास्ते में साइकिल दोस्त के घर छोड़ दी।
देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, तो पता चला कि शिक्षिका भी घर पर नहीं हैं। इसके बाद छात्र के परिजनों ने अपहरण का केस दर्ज कराया, जबकि शिक्षिका के पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
आगरा कैंट स्टेशन के सीसीटीवी ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सबसे पहले दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) खंगाली। जांच में सामने आया कि छात्र और शिक्षिका के बीच काफी लंबे समय से लगातार बातचीत हो रही थी। इसके बाद पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की जांच तेज कर दी। जांच के दौरान आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की फुटेज में दोनों एक साथ ट्रेन में सवार होते साफ दिखाई दिए।
इस फुटेज ने पुलिस की तफ्तीश को एक स्पष्ट दिशा दी। तकनीकी जांच से पता चला कि आगरा से निकलने के बाद दोनों पहले ग्वालियर पहुंचे। इसके बाद वे बयाना होते हुए राजस्थान के प्रसिद्ध कैलादेवी मंदिर गए, जहाँ दोनों ने दर्शन भी किए। कुछ दिनों तक साथ रहने के बाद दोनों अलग-अलग शहरों की ओर निकल गए। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करते हुए छात्र को नोएडा से और शिक्षिका को मथुरा से सकुशल दस्तायाब कर लिया।
पूछताछ में शिक्षिका का दावा
पुलिस की पूछताछ के दौरान शिक्षिका ने छात्र के साथ घर छोड़ने के पीछे एक बिल्कुल अलग कहानी बताई। शिक्षिका के अनुसार, छात्र घर में पढ़ाई की डांट से बहुत तनाव में था और कई बार उनके पास आकर रोता था। चार अगस्त को छात्र ने उन्हें फोन करके डिप्रेशन में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने की बात कही थी। शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि छात्र की बात सुनकर वह बुरी तरह घबरा गईं और उसे कोई गलत कदम उठाने से रोकने के इरादे से अपने साथ ले गईं। शिक्षिका का कहना है कि बाद में उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ, लेकिन सामाजिक बदनामी और डर के कारण वे वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थीं। पुलिस ने दोनों के विस्तृत बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए फिलहाल किसी भी तरह की आगे की कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।











