पंजाब सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध के आसपास बड़े स्तर पर पर्यटन केंद्र विकसित करने की योजना बना रही है। सरकार ने इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 476.87 एकड़ जमीन चिह्नित की है। इसके जरिए करीब 2,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित योजनाओं में इको-विलेज, लग्जरी होटल, वेलनेस सेंटर, वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इस परियोजना में क्लब महिंद्रा, ताज, आईटीसी और ओबेरॉय जैसे प्रमुख हॉस्पिटैलिटी समूह संभावित निवेशकों के रूप में सामने आए हैं। हालांकि, फिलहाल इन कंपनियों की रुचि शुरुआती स्तर पर है और निवेश प्रस्तावों तथा परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में 5 अक्टूबर को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध के आसपास के क्षेत्रों का योजनाबद्ध, एकीकृत और पर्यावरण अनुकूल विकास करना है।
रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध दोनों पठानकोट जिले में रावी नदी पर स्थित हैं। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की सीमा के नजदीक है। यहां मौजूद जलाशयों, झीलों, नदी के किनारों और प्राकृतिक दृश्यों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की संभावनाएं हैं।
पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रणजीत सागर बांध क्षेत्र में 99.1 एकड़, दक्षिणी पॉकेट में 10.17 एकड़, अतिरिक्त पॉकेट में 3.32 एकड़, निलोह टिक्का पलांगी में 56.2 एकड़, कुलारा और निलोह टिक्का जटौली में 20.4 एकड़ तथा फंगोटा गांव में झील के किनारे 112.98 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
प्रस्तावित परियोजनाओं में इको-विलेज, सर्विस्ड अपार्टमेंट, कन्वेंशन सेंटर, गोल्फ विला, बॉटनिकल गार्डन, बोटिंग, क्रूज टर्मिनल, हाउसबोट, नेचर ट्रेल, जंगलों में इको-लॉज, रिवरसाइड रिसॉर्ट और एडवेंचर जोन शामिल हैं।












