नई दिल्ली: दिल्ली से लेकर पंजाब तक मैदानी इलाकों में आज भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा, जिससे मौसम बदला-बदला नजर आएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में 12 से 13 अक्टूबर के बीच बारिश और गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर 14 और 15 अक्टूबर को ओले गिरने की चेतावनी भी दी गई है। आज दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं। गौरतलब है कि सफदरजंग, पालम, आयानगर, लोदी रोड और रिज जैसे मौसम केंद्रों ने 12 अक्टूबर को अच्छी बारिश दर्ज की थी। उस दिन दिल्ली के कई जिलों में तीन घंटे के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया था। हरियाणा के रोहतक, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत के साथ उत्तर प्रदेश के अमरोहा, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा और संभल में भी बारिश हुई।
बारिश ने तोड़ा चार साल का रिकॉर्ड
दिल्ली में अक्टूबर की बारिश ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार सुबह जोरदार बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिला। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे ज्यादा बारिश इस महीने में 9 अक्टूबर 2022 को हुई थी, जब सफदरजंग में करीब 74 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस बारिश के बाद पारा भी गिरकर 17 से 18 डिग्री के आसपास आ गया। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री रहा, जो इस महीने का सबसे कम है। पालम में 17 डिग्री, लोदी रोड पर 18.7 डिग्री, रिज में 20 डिग्री और आयानगर में 18.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जिससे सर्दी का एहसास हुआ।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में पश्चिमी विक्षोभ का असर
हिमालय क्षेत्र में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी बारिश के रूप में दिखेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में अगले दो दिन बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के राजौरी, रामबन, पुलवामा, डोडा और अनंतनाग जैसे जिलों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी-पूर्वी राजस्थान में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
मानसून की वापसी और ठंड का एहसास
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल, बिहार और झारखंड से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। यह वापसी बिहार के सुपौल, झारखंड के रांची, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, ओडिशा के सुंदरगढ़, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेलगावी और गोवा के पणजी से होकर गुजर रही है। अगले दो दिनों में यहां से मानसून की वापसी पूरी हो जाएगी। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बारिश थमने के बाद उत्तर-पश्चिम से शुष्क और ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बहेंगी, जिससे सुबह और शाम को सर्दी का एहसास बढ़ जाएगा।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास और रतलाम में 15 से 16 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, जबलपुर, कटनी, ग्वालियर, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा में भी बारिश हो सकती है। बंगाल में 14 से 18 अक्टूबर तक और बिहार में 16 से 18 अक्टूबर तक फिर से बारिश का माहौल बन रहा है। ओडिशा में 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश का दौर रहेगा। पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में 14 से 17 अक्टूबर और असम-मेघालय में 13 से 18 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट है, जबकि नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों में देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून लौट जाएगा, और दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी। अगले पांच-छह दिनों तक आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पुडुचेरी में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तरी कर्नाटक में 17-18 अक्टूबर तक भारी बारिश के आसार हैं, जबकि रायलसीमा में 15-16 अक्टूबर को भारी बारिश के संकेत हैं। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।












