त्योहारों के दौरान सुरक्षित डिजिटल पेमेंट के लिए एनपीसीआई के 5 जरूरी सुरक्षा सुझाव

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रोहतक: त्योहारों का समय खुशियां मनाने, अपनों को उपहार देने और खरीदारी करने का होता है। इस दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों पर आकर्षक छूट, सीमित समय के लिए खास ऑफर और कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जो लोगों को जल्दी खरीदारी करने के लिए प्रेरित करती हैं। त्योहारों की इस भागदौड़ में कई बार लोग ऐसे ऑफर का फायदा उठाने के लिए बिना सोचे-समझे फैसला कर लेते हैं, जो देखने में बहुत अच्छे लगते हैं। साइबर ठग लोगों के इस व्यवहार को अच्छी तरह समझते हैं और चालाकी (सोशल इंजीनियरिंग) के जरिए इसका फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।। तकनीक के साथ ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में थोड़ी जागरूकता और कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर लोग त्योहारों के दौरान सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं।

केवल अधिकृत ऐप और वेबसाइट से ही खरीदारी करें

त्योहारों और सेल के दौरान साइबर ठग असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट और लिंक बनाते हैं, ताकि लोगों की निजी जानकारी और पेमेंट से जुड़ी जानकारी चुराई जा सके। इसलिए हमेशा वेबसाइट का पता खुद टाइप करें या अधिकृत ऐप का ही इस्तेमाल करें। अनजान स्रोतों से मिले लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई फाइल डाउनलोड करें। इनमें त्योहारों के ऑफर या शुभकामना संदेश वाले लिंक भी शामिल हैं। ऐसे लिंक आपको नकली वेबसाइट पर ले जा सकते हैं या उनमें हानिकारक सॉफ्टवेयर हो सकता है, जिससे आपका डिवाइस और उसमें मौजूद जानकारी खतरे में पड़ सकती है।

पेमेंट हमेशा उसी प्लेटफॉर्म पर करें जहां से खरीदारी कर रहे हैं

कुछ धोखाधड़ी के मामलों में लोगों को शॉपिंग ऐप या वेबसाइट से बाहर जाकर दूसरे UPI ID या लिंक के जरिए पेमेंट करने के लिए कहा जाता है। ऐसा करने से सुरक्षा जांच की प्रक्रिया छूट सकती है। इसलिए हमेशा ऐप या वेबसाइट के पेमेंट पेज पर ही भुगतान करें और पेमेंट करने से पहले विक्रेता की जानकारी अच्छी तरह जांच लें।

मुफ्त वाउचर और कैशबैक के लालच से सावधान रहें

इनाम, कैशबैक या त्योहारों के तोहफे देने वाले मैसेज में आपसे OTP, बैंक खाते की जानकारी या छोटी रकम का भुगतान करने के लिए कहा जा सकता है। असली ऑफर का लाभ उठाने के लिए कभी भी ऐसी गोपनीय जानकारी देने या पहले से कोई रकम जमा करने की जरूरत नहीं होती। इसलिए अनजान नंबर या स्रोत से मिले मैसेज के आधार पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और न ही कोई शुल्क चुकाएं। ऐसे किसी भी ऑफर की जानकारी के लिए सीधे संबंधित ऐप या वेबसाइट पर जाकर जांच करें।
Reported By: Pankaj Rai

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