नई दिल्ली: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास दोहराते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। मंगलवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम ने श्रीलंका को करारी शिकस्त दी और गोल्ड मेडल जीत लिया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन का सिलसिला बरकरार रखा।
दरअसल टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने तीन विकेट खोकर 216 रन के विशाल स्कोर खड़ा किया, जिससे श्रीलंका के सामने 217 रनों की बड़ी चुनौती रखी गई। जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम शुरुआत से ही लड़खड़ा गई और कभी भी मैच में असरदार वापसी नहीं कर सकी। कप्तान चमारी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा रन बनाते हुए 21 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 29 रन जोड़े, लेकिन यह भारतीय गेंदबाजों के आगे नाकाफी साबित हुआ आखिरकार भारत ने यह मुकाबला 147 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।
मंधाना-घोष का धमाल, शेफाली ने रखी नींव
भारतीय पारी की जान स्मृति मंधाना रहीं, जिन्होंने महज 45 गेंदों में सात छक्कों और पांच चौकों की मदद से 79 रनों की तूफानी पारी खेली। दूसरी ओर विकेटकीपर ऋचा घोष ने सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन ठोककर टीम का स्कोर और बड़ा कर दिया। ओपनर शेफाली वर्मा ने भी 29 गेंदों पर 48 रन बनाकर पारी को संवारने में अहम भूमिका निभाई। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी करते हुए बड़े स्कोर की नींव रखी थी।
लगातार दूसरा स्वर्ण
गौरतलब है कि हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में भी भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण जीता था, तब जीत का अंतर 19 रनों का था। इस तरह भारत ने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है। टूर्नामेंट में भारत ने क्वार्टर फाइनल में जापान को आठ विकेट और सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रनों से हराया था। वहीं ब्रॉन्ज मेडल पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर जीता। दोनों टीमों के बीच अब तक हुए 32 टी20 मुकाबलों में भारत का पलड़ा हमेशा भारी रहा है, जिसमें भारत ने 26 और श्रीलंका ने सिर्फ 5 मैच जीते हैं।












