नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में अपना दम दिखाने के लिए तैयार है. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया का यह दौरा कई मायनों में खास है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि 2017 के श्रीलंका दौरे के मुकाबले 2026 की भारतीय टेस्ट टीम में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. लगभग 9 साल बाद श्रीलंका पहुंची टीम में उस पुराने दल के सिर्फ तीन खिलाड़ी ही अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं.
2017 से 2026 तक बदल गया टीम इंडिया का चेहरा
जब भारतीय टीम 2017 में श्रीलंका दौरे पर गई थी, तब विराट कोहली टीम के कप्तान थे. रोहित शर्मा भी टेस्ट टीम का हिस्सा थे और भारतीय बल्लेबाजी में अहम भूमिका निभा रहे थे. उस समय कई ऐसे खिलाड़ी टीम में थे, जो अब टेस्ट क्रिकेट से दूर हो चुके हैं या संन्यास ले चुके हैं.
दिलचस्प बात यह है कि 2017 में ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं किया था. वहीं आज वह टीम इंडिया के प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शामिल हैं.
राहुल, जडेजा और कुलदीप पुराने चेहरे
2017 की टीम से इस बार के स्क्वाड में केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव ही तीन ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दोबारा श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलेंगे. केएल राहुल उस समय अपने करियर को मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे. अब वह टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उनकी तकनीक और धैर्य श्रीलंकाई परिस्थितियों में भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
रवींद्र जडेजा भी पिछले कुछ वर्षों में एक शानदार ऑलराउंडर के तौर पर और मजबूत हुए हैं. बल्ले, गेंद और फील्डिंग तीनों विभागों में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है.
कुलदीप पर स्पिन की बड़ी जिम्मेदारी
रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट से संन्यास के बाद कुलदीप यादव पर भारतीय स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी बढ़ गई है. 2017 में वह टीम के नए चेहरों में थे, लेकिन अब उनके पास टेस्ट क्रिकेट का अच्छा अनुभव है.
2017 और 2026 के स्क्वाड में बड़ा अंतर
2017 की टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन और शिखर धवन जैसे दिग्गज शामिल थे. वहीं 2026 की टीम में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल जैसे नए दौर के खिलाड़ी नजर आ रहे हैं. ऐसे में श्रीलंका दौरा भारतीय टेस्ट क्रिकेट की बदलती तस्वीर को साफ तौर पर दिखाता है.












