नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह संकट जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपना रुख दोहराते हुए कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
‘ईरान बहुत अच्छा कर रहा था’ वाली बात पर ट्रंप का पलटवार
ट्रंप ने उन दावों पर भी टिप्पणी की, जिनमें ईरान की स्थिति को बेहतर बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मीडिया में लगातार यह कहा जा रहा था कि ईरान बहुत अच्छा कर रहा है, जबकि उनके अनुसार जमीन पर तस्वीर अलग है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से संघर्ष को लेकर अलग दावे किए गए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि उसकी सैन्य क्षमताओं में सुधार हुआ है और उसने युद्ध के दौरान नई क्षमताएं विकसित की हैं।
मध्यावधि चुनाव के बाद भी जारी रह सकती है कार्रवाई
ट्रंप ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई संतोषजनक समझौता नहीं होता है तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संघर्ष का अगला चरण नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद सामने आ सकता है। ट्रंप ने हालांकि संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद भी जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से किए जा रहे प्रयासों के परिणाम जल्द दिखाई दे सकते हैं।
तेल और डीजल की कीमतों पर भी नजर
ईरान संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। हाल के दिनों में तेल और खासकर डीजल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है। 1 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुई थी। इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रणनीतिक भंडार से तेल और डीजल जारी करने की तैयारी में हैं। G7 देशों ने करीब 100 मिलियन बैरल तेल और रिफाइंड ईंधन बाजार में लाने की योजना घोषित की है।
ट्रंप का कहना है कि पश्चिम एशिया का संकट समाप्त होने पर ऊर्जा बाजार में दबाव कम हो सकता है और तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाजार की दिशा संघर्ष, आपूर्ति और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।












