नई दिल्ली: महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब सुरक्षा की जंग सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी बेटियों को निडर और सशक्त बनाने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से बाहरी उत्तर जिला पुलिस ने रोहिणी सेक्टर-19 स्थित एनसीसी भवन में भव्य महिला सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित कर ‘ई-निर्भीक’ अभियान का शुभारंभ किया। डिजिटल सशक्तीकरण के माध्यम से महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने वाली इस पहल के जरिए छात्राओं और महिलाओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल ठगी के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में स्कूलों को ई-निर्भीक क्यूआर कोड बॉक्स भी सौंपे गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) जोन-1 देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने बेटियों से आत्मविश्वास बनाए रखने, आत्मरक्षा सीखने, तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल करने और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने में संकोच नहीं करने की अपील की। कार्यक्रम में संयुक्त पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज और बाहरी उत्तर जिला पुलिस उपायुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
50 हजार को बनाया आत्मरक्षा में सक्षम
जिले के परिवर्तन प्रकोष्ठ ने वर्ष 2026 में अब तक करीब 50 हजार महिलाओं और बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है। बादली स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की 509 छात्राओं को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया। छात्राओं ने कार्यक्रम में आत्मरक्षा के करतब दिखाकर अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया।
116 बच्चों को परिवार से मिलाया
मानव तस्करी निरोधक इकाई ने ऑपरेशन मिलाप के तहत 116 लापता नाबालिग बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया। ऑपरेशन प्रहरी के तहत 160 सुरक्षा किट वितरित की गईं। वहीं शिष्टाचार अभियान के जरिए अच्छे व्यवहार और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, सामुदायिक संवाद और सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सीसीटीवी पहल करने वाले प्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए-एमडब्ल्यूए सदस्यों, छात्राओं, पुलिस टीमों और अच्छे नागरिकों को सम्मानित किया गया। सोशल मीडिया के चर्चित चेहरे पंकज शर्मा (बकलोल वीडियो), स्वीटी शोकीन, दीप्ति शर्मा (हॉन्टेड दीप्ति) और योगेश कठुरिया भी मौजूद रहे। पुलिस और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम का संदेश साफ रहा, सुरक्षा सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ बेटियों को ऐसा माहौल देना, जहां डर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास उनकी पहचान बने। यह कार्यक्रम बाहरी उत्तर जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में परिवर्तन प्रकोष्ठ, मानव तस्करी निरोधक इकाई, थाना पुलिस, बीट अधिकारियों और सामुदायिक पुलिसिंग से जुड़े सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।












