माइनिंग रंजिश में ट्रिपल मर्डर: छत्तीसगढ़ सरकार ने CBI को सौंपी जांच

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Triple murder over mining rivalry Chhattisgarh
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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरिया जिले में रेत माइनिंग की रंजिश में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच CBI को सौंप दी है। राज्य के गृह विभाग ने मंगलवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया। जून के बीच में दो परिवारों के बीच पुरानी दुश्मनी खूनी संघर्ष में बदल गई थी।  

डिप्टी सीएम बोले: लंबी चर्चा के बाद लिया फैसला   

गृह विभाग संभाल रहे डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि केस CBI को देने का फैसला लंबी बातचीत के बाद हुआ। उन्होंने कहा, “यह फैसला करीब एक हफ्ते पहले ही हो गया था, लेकिन प्रक्रिया में वक्त लगा। मुख्यमंत्री ने आखिरी मंजूरी दी।” इस झगड़े से जुड़ा दूसरा केस भी CBI को दिया गया है, जहां से घटनाओं की शुरुआत हुई थी।  

क्या है पूरा मामला: SUV को टक्कर मारकर आग लगा दी  

यह मामला कटगोड़ी गांव के पास व्यवसायी भरत सिंह 60, वीरेंद्र प्रताप सिंह 32 और नागेंद्र सिंह 53 की हत्या से जुड़ा है। हमले में दो लोग गंभीर घायल भी हुए थे। पुलिस के मुताबिक सिंह और त्रिपाठी परिवारों के बीच रेत माइनिंग को लेकर सालों से रंजिश थी।

दोनों नागोई गांव के रहने वाले हैं। हालांकि सिंह परिवार अब बैकुंठपुर में रहता है, पर इलाके में रेत और पत्थर का कारोबार करते हैं। 16 जून को दोनों परिवारों में विवाद हुआ। उसी रात फोन पर बातचीत के बाद भरत सिंह अपने साथियों के साथ विरोधी गुट से मिलने गए।

तभी टकराव हिंसक हो गया। पीड़ित दो गाड़ियों से थे, जिनमें एक SUV भी थी। आरोप है कि विरोधी गुट ने टिपर ट्रक से SUV को बार-बार टक्कर मारी। दरवाजे जाम हो गए और लोग बाहर नहीं निकल पाए।  

इसके बाद हमलावरों ने SUV पर ईंधन डालकर आग लगा दी। जो लोग खिड़की तोड़कर भागे, उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। नागेंद्र और वीरेंद्र ने बाद में दम तोड़ दिया। पुलिस ने त्रिपाठी परिवार के चार लोगों को गिरफ्तार किया था।  

CBI देखेगी दोनों मामलों का कनेक्शन  

शर्मा ने कहा, “जघन्य हत्याकांड के पीछे की वजह, हालात और दोनों मामलों में कनेक्शन है या नहीं, यह CBI देखेगी। प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन CBI ने अभी औपचारिक रूप से केस नहीं लिया है।”  

दो चश्मदीद गवाह, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम  

उन्होंने बताया कि दो घायल चश्मदीद गवाह अस्पताल में हैं और उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक गवाह का बयान दर्ज हो चुका है। दूसरा खतरे से बाहर है। मेडिकल सलाह के बाद उसका बयान लिया जाएगा। पीड़ित परिवार पहले से ही CBI जांच की मांग कर रहा था। दोनों केस सोनहट थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में दर्ज हैं।  

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