नई दिल्ली: एशियन गेम्स में भारत के खाते में एक और सुनहरी सफलता जुड़ गई है। महिला खिलाड़ियों की शानदार जीत के बाद अब कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने पूरे देश को जश्न मनाने का मौका दे दिया।
गोल्ड मेडल के मुकाबले में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से था। शुरुआत से ही भारतीय जोड़ी ने मैच पर पकड़ बना ली। पहले दो सेट में चिकिथा और साहिल ने अपने हर तीर को सीधे 10 के घेरे में उतारा। इसी बेहतरीन निशानेबाजी की बदौलत पहले हाफ के बाद भारत 80-78 से आगे था।
शूट-ऑफ में हुआ फैसला
कोरियाई टीम ने भी हार नहीं मानी और अंत तक मुकाबला कड़ा रखा। आखिरी सेट के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 पर बराबर रहा, जिसके बाद फैसला शूट-ऑफ में हुआ। यहां दबाव के बावजूद भारतीय तीरंदाजों ने अपनी नसों पर काबू रखा और सटीक निशाना लगाकर जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारत के पदक तालिका में गोल्ड की संख्या 8 हो गई।
सेमीफाइनल भी रहा रोमांचक
फाइनल तक का सफर भी आसान नहीं था। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को थाईलैंड की मजबूत टीम से भिड़ना पड़ा। मुकाबला इतना करीबी था कि हर तीर के साथ दर्शकों की धड़कनें तेज होती रहीं। पहले एंड में भारत ने 39-37 की बढ़त ली और फिर दबाव भरे पलों में भी संयम बनाए रखा। थाईलैंड ने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंतिम पलों में चिकिथा और साहिल के अचूक निशानों ने बाजी पलट दी। भारत ने यह मैच 156-155 के मामूली अंतर से जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
तीरंदाजी जैसे खेल में एक-एक अंक की अहमियत होती है और इस जोड़ी ने साबित किया कि सही समय पर ठंडा दिमाग ही जीत दिलाता है। सेमीफाइनल की कड़ी टक्कर से लेकर फाइनल के शूट-ऑफ तक दोनों खिलाड़ियों ने गजब का धैर्य दिखाया। इस स्वर्णिम प्रदर्शन ने एशियन गेम्स में भारत की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।












