नई दिल्ली: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले कुछ सालों से तनाव रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। इसी मुलाकात के लिए पीएम मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे।
मंगलवार सुबह सभी देशों के प्रतिनिधि ग्रुप फोटो के लिए एक साथ आए। इसी दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरे नेताओं से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहां मौजूद थे।
क्यों बढ़ा भारत और चीन के बीच तनाव
भारत और चीन के रिश्तों में साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव बढ़ गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति को लेकर कई दौर की बातचीत हुई। ऐसे में मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर सभी की नजरें हैं।
10 देशों का संगठन है SCO
शंघाई सहयोग संगठन की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान इसके संस्थापक सदस्य थे। भारत और पाकिस्तान 2017 में संगठन का हिस्सा बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में SCO में शामिल हुए। फिलहाल संगठन में 10 सदस्य देश हैं।
पुतिन से भी मिले पीएम मोदी
SCO बैठक के दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की है। जानकारी के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी चर्चा हुई। खबर है कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से युद्ध जल्द खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता के लिए नुकसानदायक है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति के प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा। इसके अलावा दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और खाद की आपूर्ति जैसे कई मुद्दों पर भी बातचीत की।












