नई दिल्ली: नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण आपदा के बाद हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कई भारतीय समूहों से संपर्क टूट गया है जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री और त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अपडेट दिया कि 288 भारतीयों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
MEA बोला – संपर्क लाइनें ठप, नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर कर रहे हैं काम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार लापता भारतीयों से संपर्क साधने और फंसे लोगों का पता लगाने के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार काम कर रही है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि आपदा के बाद इलाके की कम्युनिकेशन लाइनें पूरी तरह ठप हो गई हैं।
जायसवाल ने कहा, “उस इलाके में संपर्क करना बहुत मुश्किल हो गया है क्योंकि सभी संपर्क के साधन ठप हैं।” उन्होंने साफ किया कि Uncontactable का मतलब यह नहीं कि वे लापता या घायल हैं। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि फिलहाल उनसे बात नहीं हो पा रही है।
कैलाश मानसरोवर के ग्रुप सबसे ज्यादा प्रभावित, तमिलनाडु-बंगाल-केरल के तीर्थयात्री शामिल
लापता 288 भारतीयों में सबसे ज्यादा संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रियों की है। तमिलनाडु के दो बड़े समूह जिनमें 37 और 49 भारतीय हैं, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। ये दोनों ग्रुप सम्राट ट्रैवल्स और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स के जरिए यात्रा पर गए थे।
पश्चिम बंगाल के 32 भारतीयों का एक और समूह जो सम्राट ट्रैवल्स से गया था, आखिरी बार रसुवा के तिमुरे में था जो आपदा का सेंटर है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय जिन्होंने रिचा टूर्स के जरिए यात्रा की थी, उनसे भी संपर्क नहीं हो रहा। केरल के 33 भारतीय भी इसी लिस्ट में हैं। ज्यादातर लापता लोग इन्हीं ग्रुप्स में शामिल हैं।
73 पावर प्रोजेक्ट कर्मचारी भी संपर्क से बाहर, दूतावास प्रोजेक्ट हेड के टच में
त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी उन लोगों में शामिल हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। काठमांडू में भारतीय दूतावास लगातार प्रोजेक्ट हेड के संपर्क में है ताकि कर्मचारियों के बारे में जानकारी मिल सके।
21 भारतीयों को बचाया, जल्द काठमांडू लाकर भारत भेजा जाएगा
राहत के बीच अच्छी खबर यह है कि सरकार तमिलनाडु के 21 भारतीयों से संपर्क कर उन्हें बचाने में कामयाब रही है। यह जानकारी गुरुवार दोपहर 1 बजे तक की है। काठमांडू में भारतीय दूतावास बचाए गए ग्रुप के संपर्क में है और भारत के राजदूत ने उनसे बात करके हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
उम्मीद है कि ये 21 लोग जल्द काठमांडू पहुंचेंगे और फिर उनके भारत लौटने की व्यवस्था की जाएगी। जायसवाल ने कहा, “हम उनके नाम अपने X हैंडल पर डाल रहे हैं। जैसे-जैसे और जानकारी मिलेगी अपडेट देते रहेंगे।”












