नई दिल्ली: 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व इस बार कई खास खगोलीय और ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया जाएगा. ज्योतिष विद्या के ज्ञाताओं के अनुसार, इस दिन चंद्र ग्रहण, भद्रा और पंचक के साथ कुछ ग्रहों की स्थिति भी खास रहने वाली है. हिंदू पंचांग के मुताबिक, तीन ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे, जबकि एक ग्रह अस्त रहेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय माना जा रहा है.
रक्षाबंधन के दिन शनि, राहु और केतु वक्री चाल में रहेंगे. वहीं बुध अस्त अवस्था में रहेंगे. इन ग्रहों की स्थिति का असर खासतौर पर मेष, मिथुन, सिंह और कुंभ राशि के जातकों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. आइए जानते हैं इन राशियों को किन मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चलने की मान्यता है. ऐसे में चंद्र ग्रहण और ग्रहों की स्थिति मानसिक रूप से परेशान कर सकती है. मन में बेचैनी या किसी अनजाने डर की भावना पैदा हो सकती है. काम पूरे होते-होते अटक सकते हैं, जिससे आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है. प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. ऐसे समय में धैर्य रखना और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना बेहतर माना गया है.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय भावनात्मक रूप से थोड़ा कठिन रह सकता है. मन में कई तरह के विचार चलने से बेचैनी महसूस हो सकती है. आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बिगड़ने की स्थिति भी बन सकती है. आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी की जरूरत हो सकती है. सेहत को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी जाती है. छोटी बातों को जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय जरूरी कामों पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव माना जा रहा है. ऐसे में ग्रहों की यह स्थिति स्वास्थ्य और निजी जीवन पर असर डाल सकती है. अपनी सेहत के साथ-साथ जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है. वैवाहिक जीवन में मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है. धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी रहेगा. इस दौरान बिना पूरी जानकारी के निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर माना गया है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि में ही चंद्र ग्रहण लगने की बात कही जा रही है और इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण भी चल रहा है. ऐसे में ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह समय कुछ परेशानियां बढ़ा सकता है. वैवाहिक जीवन और संतान से जुड़े मामलों में चिंता रह सकती है. पैसों के लेन-देन में सावधानी जरूरी होगी, खासकर अनजान लोगों के साथ. कामकाज में रुकावट या उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है. ऐसे समय में आत्मविश्वास बनाए रखना और धैर्य के साथ आगे बढ़ना जरूरी माना गया है.












