नई दिल्ली: सावन के तीसरे सोमवार को बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरातफरी मच गई. बिजली का तार गिरने और करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ की स्थिति बन गई. हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह मंदिर में बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु मौजूद थे. लोग शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए कतार में खड़े थे.
इसी दौरान मंदिर परिसर में बिजली के पोल में करंट आने की अफवाह फैल गई. देखते ही देखते लोगों में डर पैदा हो गया और श्रद्धालु सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे. अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कई लोग एक-दूसरे से टकराकर गिर गए. इसके बाद भगदड़ में कई श्रद्धालु नीचे दब गए. घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों और वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने दबे लोगों को बाहर निकालने में मदद की. सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू किया.
सुबह पौने सात बजे हुआ हादसा
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, सावन के तीसरे सोमवार को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए पहले से इंतजाम किए थे. प्रशासनिक टीम सुबह करीब 3:30 बजे से ही मौके पर मौजूद थी. हालांकि, दो ट्रेनों के रुकने के बाद अचानक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए, जबकि परिसर में पहले से काफी भीड़ थी. डीएम ने बताया कि सुबह करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच भीड़ का दबाव बढ़ने से खेत की ओर लगी बैरिकेडिंग टूट गई. इसके बाद कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए. घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है.
अशोकधाम मंदिर की है खास मान्यता
अशोकधाम मंदिर को श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर में स्थापित विशाल शिवलिंग को लेकर धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है. बताया जाता है कि यह शिवलिंग खुदाई के दौरान जमीन से मिला था और इसे पाल काल से जुड़ा माना जाता है. सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. तीसरी सोमवारी पर भी भारी भीड़ जुटी थी. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं. मौत और घायलों की संख्या की आधिकारिक स्थिति तथा हादसे की सही वजह की जांच की जा रही है.












