नई दिल्ली: पंजाब की पावन धरती पर युवाओं की ऊर्जा जब सही दिशा में मुड़ती है, तो बदलाव की गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देती है। सूबे की नौजवानी को नशे के दलदल से बाहर निकालकर खेल और तंदुरुस्ती की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल देखने को मिली। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब यूथ विंग द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। साढ़े पांच किलोमीटर लंबी इस दौड़ में केवल युवा ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी जिस उत्साह से कदम से कदम मिलाया है।
नकद पुरस्कारों से बढ़ा खिलाड़ियों का हौसला
यह मैराथन सुबह के वक्त ऐतिहासिक स्थल गुरुद्वारा श्री अंब साहिब से आरंभ हुई। इस दौड़ का मकसद सिर्फ एक दिन का आयोजन रहना नहीं था, बल्कि पूरे सूबे के आवाम में सेहत और तंदुरुस्ती का सकारात्मक जज्बा पैदा करना था। प्रतिभागियों को विशेष टी-शर्ट और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, दौड़ में अव्वल आने वाले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें ₹11,000 तक के नकद पुरस्कारों से नवाजा गया।
पंजाब के प्रमुख शहरों में आयोजित होंगी विशाल मैराथन
विशाल जनसैलाब की मौजूदगी पर खुशी जाहिर करते हुए मनजिंदर सिंह लालपुरा ने स्पष्ट किया कि यह कोई महज राजनीतिक मंच नहीं था, बल्कि पंजाब के आवाम के लिए उठाया गया एक ठोस कदम था। उन्होंने कहा कि सूबे के लोगों की ओर से मिले इस अपार समर्थन ने साबित कर दिया है कि हर पंजाबी अपने राज्य को एक बार फिर मुस्कुराता हुआ और नशा-मुक्त देखना चाहता है। युवाओं में इस नई ऊर्जा को बनाए रखने के लिए यूथ विंग ने अब इस अभियान को पंजाब के अन्य प्रमुख शहरों तक ले जाने का खाका तैयार किया है। अमृतसर, पटियाला, लुधियाना में भी इसी तरह के बड़े मैराथन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
खेल बजट में 12 गुना की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
कार्यक्रम के दौरान पहुंचे आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने यूथ विंग की पूरी टीम, प्रधान मनजिंदर सिंह लालपुरा, उप-प्रधान वीर दविंदर सिंह और तमाम आयोजकों को बच्चों से लेकर बुजुर्गों को एक ही मंच पर लाने के लिए बधाई दी। खेल के प्रति राज्य सरकार की संजीदगी का जिक्र करते हुए मीत हेयर ने एक अहम आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने खेल विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी, तब पंजाब का खेल बजट महज ₹150 करोड़ के आसपास हुआ करता था। लेकिन सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और युवाओं को खेल के मैदान में आगे लाने की नीति की वजह से आज यह बजट बढ़कर करीब ₹1,800 करोड़ तक पहुंच चुका है। यह इतनी बड़ी वृद्धि इस बात की तस्दीक करती है कि सरकार युवाओं को संसाधनों की कमी नहीं होने देना चाहती।
रोजमर्रा की जिंदगी में ढालनी होगी तंदुरुस्ती
सांसद मीत हेयर ने मैदान में मौजूद सभी धावकों का आह्वान किया कि वे दौड़ने और कसरत करने की इस आदत को केवल एक दिन का समारोह मानकर न भूल जाएं। चलना, दौड़ना और खुद को फिट रखना हर व्यक्ति की दिनचर्या का स्थायी हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि एक सेहतमंद समाज ही एक मजबूत पंजाब और स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकता है। इसी कड़ी में सांसद मालविंदर सिंह कंग ने भी हजारों प्रतिभागियों के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। नौजवानों को मैदानों की तरफ मोड़ने वाली ऐसी पहल ही सूबे से नशे की जड़ें उखाड़ फेंकने में सबसे कारगर साबित होंगी। आप नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब को नशा-मुक्त और सेहतमंद बनाने की यह जंग रुकने वाली नहीं है, बल्कि पूरे सूबे में इस तरह के आयोजनों के माध्यम से एक नया इतिहास लिखा जाएगा।












