गांधी नगर: गुजरात के मोरबी जिले में स्थित विपरदा गांव इन दिनों एक अजीबो-गरीब और हैरान कर देने वाली प्राकृतिक घटना के कारण पूरे इलाके में कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में खोदे गए एक लगभग 18 फीट चौड़े कुएं में पानी सामान्य रूप से स्थिर रहने के बजाय समंदर की लहरों की तरह लगातार ऊपर-नीचे उछल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कुएं से कुछ ही दूरी पर स्थित अन्य सभी कुओं का पानी पूरी तरह शांत और स्थिर है। पानी की यह असामान्य और निरंतर जारी हलचल देखकर गांव वाले आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ किसी भावी अनहोनी की आशंका से भयभीत भी हैं।
तीन संभावित कारणों से हिल रहा पानी
पहली संभावना यह है कि क्षेत्र में बहुत सूक्ष्म स्तर पर कोई भूगर्भीय हलचल या टेक्टोनिक प्लेटों में खिसकाव हुआ हो, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। दूसरी वजह वर्षा ऋतु के दौरान जमीन के भीतर का जल प्रवाह हो सकता है। यदि इस नए कुएं का संबंध भूमिगत प्राकृतिक जलभंडार से है, तो उस एक्वीफर में बने अत्यधिक हाइड्रोलिक दबाव के कारण कुएं का पानी ऊपर की तरफ उछाल मार सकता है।
तीसरी और सबसे गंभीर संभावना इसे किसी भावी बड़े भूकंप के पूर्व संकेत के रूप में देखती है। प्रियदर्शी का स्पष्ट कहना है कि कुएं की सटीक गहराई, उसकी तली की भूगर्भीय स्थिति और मिट्टी की बनावट की पूरी जानकारी मिले बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
नया कुआं
विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि जब किसी स्थान पर नया कुआं खोदा जाता है, तो कई बार भूमिगत जलस्तर अचानक खुद को संतुलित करने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया में यदि पानी का प्रवाह किसी संकीर्ण भूमिगत मार्ग से आ रहा हो, तो दबाव के कारण पानी में ऐसी अस्थाई तरंगें उत्पन्न हो जाती हैं। चूंकि केवल इसी एक कुएं में यह हलचल देखी जा रही है, इसलिए बहुत संभव है कि यह किसी विशेष स्थानीय एक्वीफर से जुड़ा एक सीमित प्राकृतिक प्रभाव मात्र हो।
प्रशासनिक सतर्कता
यह पूरा क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है। साल 2001 में आए विनाशकारी भुज भूकंप की भीषण यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन कोई ढील नहीं बरत रहा है। भूजल विभाग, भूविज्ञानियों और जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम कुएं की गहराई, जलस्तर के उतार-चढ़ाव, पानी के रासायनिक गुणों, मिट्टी की परतों और आसपास के भूकंपीय आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करने में जुट गई है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील
वैज्ञानिकों और स्थानीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। सोशल मीडिया पर बिना किसी वैज्ञानिक आधार के किए जा रहे दावों से इलाके में अनावश्यक दहशत फैल सकती है। प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कुएं की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और विशेषज्ञ जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल ग्रामीणों को शांत रहने और आसपास किसी भी तरह के अन्य बदलाव दिखने पर तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।












