NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद NTA में बड़ा एक्शन, 47 अधिकारी हटाए गए

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47 NTA officials terminated
47 NTA officials terminated

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. इसे NTA में अब तक की सबसे बड़ी आंतरिक कार्रवाई और सुधार प्रक्रिया की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और NEET में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, NTA के कुछ अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है. हालांकि, NTA ने अभी तक बर्खास्त किए गए अधिकारियों के नाम, पद या उनकी सेवाएं समाप्त करने के पीछे के खास कारणों का खुलासा नहीं किया है. माना जा रहा है कि यह कार्रवाई परीक्षा प्रक्रिया में कथित लापरवाही और पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा का हिस्सा है. आने वाले समय में जांच के निष्कर्षों के आधार पर कुछ अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

पेपर लीक विवाद के बाद NTA में शुरू हुआ बड़ा बदलाव

NTA में यह बदलाव पूर्व ISRO चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी ऑफ एक्सपर्ट्स (HLCE) की सिफारिशों के तहत किया जा रहा है. जून 2024 में गठित सात सदस्यीय समिति ने 21 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. समिति ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए NTA के अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने की सिफारिश की थी. इसके बजाय स्थायी और जवाबदेह कर्मचारियों की नियुक्ति पर जोर दिया गया था. मौजूदा सुधार प्रक्रिया को इसी दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.

NTA ने नए पदों के लिए शुरू की भर्ती

संस्थागत बदलाव के तहत NTA ने चार नए जनरल मैनेजर पदों के लिए आवेदन मांगे हैं. इन पदों में असेसमेंट रिसर्च और साइकोमेट्रिक्स, टेस्ट सेंटर नेटवर्क और ऑपरेशंस, सूचना सुरक्षा तथा विजिलेंस, जांच और फोरेंसिक से जुड़े पद शामिल हैं. इसके अलावा, एजेंसी ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल पदों के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं.

NTA ने अपने बयान में कहा कि ये कदम एजेंसी के संस्थागत पुनर्निर्माण की दिशा में पहला ठोस प्रयास हैं. आने वाले हफ्तों में हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों के अनुसार एजेंसी के 10 अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में भर्ती और जिम्मेदारियों को मजबूत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भरता घटाने की तैयारी

NTA की नई भर्ती प्रक्रिया का एक बड़ा उद्देश्य कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों पर एजेंसी की निर्भरता कम करना है. एजेंसी में स्थायी कर्मचारियों के लिए 39 पद स्वीकृत हैं, जिन्हें प्रतिनियुक्ति के जरिए भरा जाना है. इनमें से फिलहाल केवल 24 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं. वहीं, NTA का कामकाज इस समय 73 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और 124 आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद से भी चल रहा है. ऐसे में एजेंसी अब अधिक स्थायी और जिम्मेदार कार्यबल तैयार करने पर ध्यान दे रही है.

वरिष्ठ पदों पर भी नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी

इस महीने की शुरुआत में NTA ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम कर रहे अधिकारियों से नौ वरिष्ठ पदों के लिए आवेदन मांगे थे. इनमें तीन जॉइंट डायरेक्टर, दो डिप्टी डायरेक्टर, दो असिस्टेंट डायरेक्टर, एक रिसर्च साइंटिस्ट और एक सीनियर सुपरिंटेंडेंट (अकाउंट्स) का पद शामिल है.

इससे पहले मई में एजेंसी ने चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और जनरल मैनेजर (ह्यूमन रिसोर्स) जैसे तीन विशेषज्ञ पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी. इन नियुक्तियों का उद्देश्य NTA के प्रशासन, तकनीकी व्यवस्था और संचालन को बेहतर बनाना है.

2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी

NTA में सुधार केवल कर्मचारियों और प्रशासनिक ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा. परीक्षा आयोजित करने के तरीके में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है. साल 2027 से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित करने की योजना है. इससे मौजूदा पेन-पेपर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव आएगा. NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए.

इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. जांच सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े कानून और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है. मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी के इस महीने के अंत में चार्जशीट दाखिल करने की उम्मीद है.

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