नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली में रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े तीन संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में दो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के निवासी हैं, जबकि एक दिल्ली का रहने वाला है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों राजधानी में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे.
टारगेट किल्लिंग की रच रहे थे साजिश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे. इसी दौरान रोहिणी जिला पुलिस को उनके मूवमेंट और गतिविधियों से जुड़ी अहम खुफिया जानकारी मिली. वहीं सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ ने आरोपियों की निगरानी शुरू की और तकनीकी सर्विलांस के साथ उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया.
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को विदेश में बैठे गैंग के नेटवर्क से निर्देश और सूचनाएं मिल रही थीं. पुलिस का मानना है कि इन्हें एक विशेष वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, समय रहते कार्रवाई होने से संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया.
पहले भी कर चुके गंभीर अपराध
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. इनमें हत्या, फायरिंग और अन्य संगीन अपराधों के मामले शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुछ मामलों में आरोपी पहले से वांछित भी थे. फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि उन्हें किस व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने का निर्देश मिला था, गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं और विदेश में बैठे संचालकों से उनका संपर्क किस माध्यम से हो रहा था.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से राजधानी में संभावित गैंगवार या किसी बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सका है.











