नई दिल्ली: बढ़ती गर्मी के साथ घरों में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने लगती है. एसी, कूलर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से हर महीने बिजली का बिल लोगों की जेब पर भारी पड़ता है. यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों के लिए सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहे हैं.
बिजली के खर्च को कम करता है सोलर
सोलर एनर्जी न केवल बिजली के खर्च को कम करने में मदद करती है, बल्कि लंबे समय में यह एक फायदेमंद निवेश भी साबित होती है. हालांकि, ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि उनके घर के लिए कितने kW का सोलर सिस्टम सही रहेगा.
दरअसल, सही सोलर सिस्टम का चुनाव घर की बिजली खपत पर निर्भर करता है. यदि आपके घर का मासिक बिजली बिल करीब 2 हजार से 3 हजार रुपये तक आता है तो 3kW का सोलर सिस्टम आपके लिए उपयुक्त माना जाता है. यह सिस्टम रोजाना लगभग 15 यूनिट और महीने में करीब 450 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है. इसके जरिए आप घर में टीवी, फ्रिज, पंखे, वॉशिंग मशीन और एक एसी जैसे सामान्य उपकरण आसानी से चला सकते हैं.
वहीं, जिन घरों में बिजली की खपत ज्यादा होती है और हर महीने 4 हजार से 8 हजार रुपये तक का बिल आता है उनके लिए 5kW या 6kW का सोलर सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है. 5kW का सिस्टम हर महीने करीब 750 यूनिट तक बिजली बना सकता है, जबकि 6kW सिस्टम लगभग 900 यूनिट तक बिजली उत्पादन करने की क्षमता रखता है. ऐसे सिस्टम बड़े परिवारों और ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल करने वालों के लिए काफी उपयोगी माने जाते हैं.
घर के हिसाब से लगवाएं सोलर
अगर आपका घर बड़ा है और बिजली की जरूरत भी अधिक रहती है तो 8kW या 10kW का सोलर सिस्टम लगवाना फायदेमंद हो सकता है. 8kW का सिस्टम एक महीने में करीब 1200 यूनिट तक बिजली तैयार कर सकता है, जबकि 10kW सिस्टम लगभग 1500 यूनिट तक बिजली जनरेट करने में सक्षम होता है. इस तरह के सिस्टम उन परिवारों के लिए सही रहते हैं जहां कई एसी और अन्य भारी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल नियमित रूप से होता है.
















