टेक्नोलॉजी का जादू! ChatGPT ने डॉग के लिए बनाई दुनिया की पहली पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन

0
14
The Magic of Technology! ChatGPT Creates the World's First Personalized Cancer Vaccine for a Dog.
The Magic of Technology! ChatGPT Creates the World's First Personalized Cancer Vaccine for a Dog.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब मेडिकल क्षेत्र में भी चमत्कारिक बदलाव ला रहा है. ऑस्ट्रेलिया के एक टेक एक्सपर्ट ने अपने पालतू कुत्ते के कैंसर का इलाज AI टूल्स की मदद से ढूंढ निकाला. उन्होंने चैट जीपीटी और AlphaFold जैसे एडवांस्ड AI का उपयोग करके पर्सनलाइज्ड mRNA वैक्सीन तैयार की, जिसके बाद उनके डॉग के ट्यूमर का आकार लगभग आधा रह गया. सोशल मीडिया पर यह कहानी तेजी से वायरल हो रही है और AI की ताकत का नया उदाहरण पेश कर रही है.

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित टेक प्रोफेशनल पॉल कनिंगहम ने जब अपने रेस्क्यू डॉग रोजी को टर्मिनल मास्ट सेल कैंसर का पता चला और वेट्स ने कुछ महीनों की ही उम्र बाकी बताई, तो उन्होंने हार नहीं मानी. बिना किसी बायोलॉजी बैकग्राउंड के उन्होंने AI की मदद से एक अनोखा रास्ता अपनाया और दुनिया की पहली पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन अपने डॉग के लिए बनाई.

AI से तैयार की पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन

पॉल कनिंगहम ने ChatGPT से शुरुआत की. उन्होंने AI से इम्यूनोथेरेपी और पर्सनलाइज्ड mRNA वैक्सीन का प्लान तैयार करवाया. इसके बाद उन्होंने डॉग के ट्यूमर का सैंपल लेकर DNA सीक्वेंसिंग करवाई और जेनोमिक डेटा को AI टूल्स से एनालाइज किया. AlphaFold ने म्यूटेटेड प्रोटीन्स की पहचान में अहम भूमिका निभाई. इसी डेटा के आधार पर उन्होंने वैक्सीन का ब्लूप्रिंट तैयार किया.

DNA सीक्वेंसिंग से मिला इलाज का रास्ता

पॉल ने UNSW Ramaciotti Centre for Genomics से संपर्क करके ट्यूमर की DNA सीक्वेंसिंग करवाई. मिले डेटा को विभिन्न एल्गोरिदम और डेटा पाइपलाइन्स से प्रोसेस किया गया. इससे कैंसर के लिए जिम्मेदार म्यूटेशन की पहचान हुई और पर्सनलाइज्ड एमआरएनए वैक्सीन डिजाइन की गई. पूरी प्रक्रिया में AI ने जटिल मेडिकल लिटरेचर को घंटों में समझने में मदद की.

इलाज के बाद ट्यूमर 

पिछले साल क्रिसमस के आसपास वैक्सीन को डॉग पर लागू किया गया. कुछ समय बाद ट्यूमर का साइज करीब आधा हो गया. पॉल ने बताया कि वैक्सीन बनाने से ज्यादा मुश्किल एथिक्स अप्रूवल और ड्रग ट्रायल की अनुमति लेना था. इसके लिए उन्हें तीन महीने तक रोज दो घंटे मेहनत करनी पड़ी और लगभग 100 पेज का डॉक्यूमेंट तैयार करना पड़ा.

टेक दिग्गजों की प्रतिक्रिया

OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने X पर लिखा कि कैसे AI ने पॉल कोनिंगहैम को एक कस्टम mRNA वैक्सीन बनाने में मदद की, जिससे वे अपने डॉग के कैंसर का इलाज कर सके-जबकि उसके पास जीने के लिए बस कुछ ही महीने बचे थे. यह किसी डॉग के लिए डिजाइन की गई पहली पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन थी.

गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने कहा कि AlphaFold जैसी तकनीक डिजिटल बायोलॉजी के भविष्य की शुरुआत है. Perplexity के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने भी कहा कि आने वाले वर्षों में AI आधारित बायोलॉजी रिसर्च दुनिया को नई दिशा दे सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here