नई दिल्ली: राजधानी में पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने एक अलग अंदाज में जनसंवाद की पहल की। सात नवंबर को बाहरी उत्तर जिले के अलीपुर थाने में पुलिस कमिश्नर स्वयं पहुंचे और दीपावली मिलन समारोह के साथ जनसुनवाई आयोजित कर आम लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं। इस दौरान थाने का परिसर शिकायतों, सुझावों और संवाद का केंद्र बन गया। खास बात यह रही कि पुलिस कमिश्नर के पहुंचने की जानकारी मिलते ही केवल शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में गांव के लोग भी अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर पहुंच गए।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता और धैर्य के साथ सुना। उन्होंने संबंधित मामलों की समीक्षा की और जहां तत्काल समाधान संभव था, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई। वहीं, शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय में कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने उठाए यातायात और नागरिक समस्याओं के मुद्दे
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने स्थानीय यातायात व्यवस्था, सड़कों पर आवागमन और अन्य नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी पुलिस कमिश्नर के सामने रखे। कमिश्नर ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई के लिए उन्हें दर्ज कराया। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी बात सीधे पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी तक पहुंचाने का अवसर मिला।
दीपावली की शुभकामनाओं के साथ पुलिसकर्मियों का बढ़ाया हौसला
इस अवसर पर अलीपुर थाने में दीपावली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया। पुलिस कमिश्नर ने स्थानीय नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और थाने के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह और बाहरी उत्तर जिले के पुलिस उपायुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि पुलिस और जनता के बीच सीधे संवाद का संदेश लेकर आया। दिल्ली पुलिस की इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करना है।












