ट्रंप-पुतिन की गुप्त मुलाकात से दुनिया में हलचल, रूस के साथ बड़े समझौते की तैयारी!

0
12

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इस मुलाकात की खास बात यह रही कि यूक्रेन के अधिकारी भी उस समय मौजूद थे, लेकिन ट्रंप ने उनसे सीधे बातचीत नहीं की। रूसी प्रतिनिधि के साथ हुई इस बैठक के बाद ट्रंप ने संकेत दिया कि रूस के साथ एक बड़ा समझौता हो सकता है। उनके बयान ने इस संभावना को हवा दी है कि अमेरिका और रूस के बीच बातचीत का एजेंडा यूक्रेन युद्ध से आगे भी जा सकता है।

रूस के साथ समझौते को लेकर ट्रंप का बड़ा संकेत

ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ होने वाला संभावित समझौता काफी बड़ा हो सकता है। उन्होंने इसके दायरे को केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं बताया, बल्कि पूरे यूरोप से जुड़े मुद्दों की ओर भी इशारा किया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि समझौते में किन विषयों को शामिल किया जाएगा और बातचीत किस चरण में पहुंची है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि इस प्रस्ताव पर रूस की ओर से क्या रुख अपनाया गया है। फिर भी ट्रंप के बयान को अमेरिका-रूस संबंधों में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

यूक्रेन की मौजूदगी के बावजूद नहीं हुई सीधी बातचीत

इस बैठक के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी। उम्मीद की जा रही थी कि ट्रंप उनसे भी बातचीत कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका रूस के साथ किसी अलग कूटनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है। यूक्रेन युद्ध के समाधान में यूरोपीय देशों की भूमिका भी अहम रही है, इसलिए रूस के साथ किसी व्यापक समझौते की बात सामने आने से यूरोप की राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा तेज हो सकती है।

मेलानिया ट्रंप की पहल से युद्धविराम को मिली चर्चा

इस बीच अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने यूक्रेन के ओलेश्की क्षेत्र में युद्धविराम से जुड़ी एक पहल को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया। व्हाइट हाउस की ओर से 23 अक्टूबर को इस मध्यस्थता प्रयास की जानकारी दी गई थी। इसके तहत 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक छह दिनों का युद्धविराम लागू रहा। इस अवधि में प्रभावित इलाके के लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 800 लोगों ने ओलेश्की छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का विकल्प चुना, जबकि लगभग 2,000 लोगों के सामने वहां से निकलने या वहीं रहने का विकल्प मौजूद था।

अमेरिकी प्रथम महिलाओं की भूमिका से अलग दिखीं मेलानिया

मेलानिया ट्रंप की यह पहल इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अमेरिकी प्रथम महिलाओं की विदेश नीति से जुड़ी भूमिका आमतौर पर सीमित रही है। इससे पहले जिल बाइडेन ने 2022 में यूक्रेन का दौरा किया था और वहां यूक्रेनी राष्ट्रपति की पत्नी से मुलाकात की थी। वहीं, पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश भी अफगानिस्तान का दौरा कर चुकी हैं। मेलानिया की पहल ने मानवीय सहायता और युद्धविराम के मुद्दे को अमेरिकी कूटनीति के साथ जोड़ दिया है।

अब दुनिया की नजर अमेरिका और रूस की अगली चाल पर

ट्रंप की रूसी दूत से मुलाकात और रूस के साथ बड़े समझौते का संकेत ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन युद्ध का समाधान अब भी चुनौती बना हुआ है। यदि प्रस्तावित समझौते में यूरोप से जुड़े मुद्दे शामिल होते हैं, तो इसका असर कई देशों की सुरक्षा और राजनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है। हालांकि, अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि मॉस्को, कीव और यूरोपीय देश ट्रंप के इस संकेत पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here