जहरीली शराब से रहें सावधान, अवैध अड्डों से मदिरा खरीदने पर जान जा सकती है : डीएम

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मथुरा: त्योहारों के दौरान अवैध और मिलावटी शराब की बिक्री एवं सेवन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जनपदवासियों से अपील की है कि सस्ती शराब के लालच में अवैध अड्डों से बिकने वाली मदिरा न खरीदें और न ही उसका सेवन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध शराब में मिथाइल अल्कोहल जैसे जहरीले पदार्थ हो सकते हैं, जिनकी थोड़ी सी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसके सेवन से आंखों की रोशनी जाने के साथ व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है।

अधिकृत दुकानों से ही खरीदें सील पैक शराब, पाउच वाली मदिरा से बचें

डीएम ने कहा कि मदिरा का सेवन करने वाले लोग केवल अधिकृत आबकारी दुकानों से ही क्यूआर कोड और सील लगी शराब की बोतल अथवा टेट्रा पैक खरीदें। खरीदारी करते समय निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने पाउच में मिलने वाली मदिरा को पूरी तरह नकली और जानलेवा बताते हुए किसी भी दशा में इसकी खरीदारी नहीं करने की अपील की है। साथ ही अवैध शराब की बिक्री या अधिकृत दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की जानकारी आबकारी विभाग को देने को कहा है।

अवैध बिक्री और ओवररेटिंग पर टोल फ्री व कंट्रोल रूम नंबर जारी

जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री और ओवररेटिंग की शिकायत आबकारी विभाग के टोल फ्री नंबर 14405 और व्हाट्सएप नंबर 9454466019 पर की जा सकती है। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी मथुरा के मोबाइल नंबर 9454465663 पर भी सूचना दी जा सकती है। क्षेत्रवार आबकारी निरीक्षकों के नंबर भी जारी किए गए हैं। इनमें सदर क्षेत्र के लिए 9454466362, छाता के लिए 9454466363, मांट के लिए 9454466364, महावन के लिए 9454466859 और गोवर्धन क्षेत्र के लिए 9454466365 नंबर शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

समारोहों में शराब परोसने के लिए एफएल-11 लाइसेंस अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी होटल, रिसोर्ट, क्लब, बैंक्विट हॉल, मैरिज होम और अन्य आयोजन स्थलों के संचालकों एवं प्रबंधकों को भी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी समारोह, शादी या अन्य आयोजन में मदिरा परोसी जानी है तो इसके लिए पहले आबकारी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुज्ञापन शुल्क जमा करने के बाद जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से नियमानुसार अकेजनल बार अनुज्ञापन (एफएल-11) प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना एफएल-11 लाइसेंस के किसी भी समारोह में शराब परोसने या मदिरापान कराने पर संबंधित आयोजक और आयोजन स्थल के संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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