मां बनने के लिए आईवीएफ अपनाना कमजोरी नहीं, माही विज ने समाज की दोहरी सोच पर उठाए सवाल

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मां बनने का सपना हर उस दंपती के लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है, जो परिवार को आगे बढ़ाना चाहता है। लेकिन जब प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण करने में परेशानी आती है, तब चिकित्सकीय सहायता लेने का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। इसके बावजूद समाज में आज भी ऐसी मानसिकता मौजूद है, जहां प्रजनन संबंधी उपचार को महिलाओं की कमी के तौर पर देखा जाता है। टेलीविजन अभिनेत्री माही विज ने इसी सोच पर सवाल उठाते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनके पति जय भानुशाली ने भी माता-पिता बनने के लिए आईवीएफ की सहायता ली थी।

उपचार की जानकारी छिपाने की सलाह पर माही ने जताई असहमति

हाउटरफ्लाई को दिए गए साक्षात्कार में माही ने बताया कि जब उन्होंने आईवीएफ की प्रक्रिया अपनाई थी, तब आसपास के कुछ लोगों ने उन्हें इसके बारे में सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करने की सलाह दी थी। उन्हें कहा गया था कि ऐसी जानकारी सामने आने पर लोग उनके बारे में गलत धारणा बना सकते हैं। अभिनेत्री ने इस सलाह को स्वीकार नहीं किया।

पुरुष और महिला दोनों की जांच जरूरी

माही ने एक महत्वपूर्ण गलतफहमी की ओर भी ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, किसी दंपती को आईवीएफ की आवश्यकता पड़ने का अर्थ यह नहीं है कि परेशानी केवल महिला के शरीर में है। जय और उन्होंने भी इस विकल्प को इसलिए चुना क्योंकि कुछ परिस्थितियां उनके लिए प्राकृतिक गर्भधारण को कठिन बना रही थीं। चिकित्सकीय दृष्टि से भी बांझपन के कारण महिला, पुरुष अथवा दोनों से संबंधित हो सकते हैं। कई मामलों में कारण स्पष्ट नहीं हो पाता। इसलिए किसी एक साथी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय दोनों की उचित चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी होती है।

आईवीएफ से जन्मे बच्चे को लेकर भी स्पष्ट किया नजरिया

अभिनेत्री ने अपनी बातचीत में यह भी साफ किया कि सहायक प्रजनन तकनीक से जन्म लेने वाला बच्चा भी माता-पिता का अपना बच्चा होता है। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए उन धारणाओं का जवाब दिया, जिनमें आईवीएफ के माध्यम से परिवार पूरा करने को अलग नजरिए से देखा जाता है। माही ने बताया कि उनके और जय के लिए यह माता-पिता बनने का एक चिकित्सकीय रास्ता था। इस प्रक्रिया से बच्चे के साथ उनके भावनात्मक रिश्ते या अभिभावक होने के अधिकार में कोई अंतर नहीं आता।

समाज की टिप्पणियों से कैसे बचें?

आईवीएफ अपनाने वाले दंपतियों को कई बार रिश्तेदारों और परिचितों के अनावश्यक सवालों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रजनन संबंधी उपचार किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत चिकित्सा जानकारी है। इसे किसके साथ साझा करना है, इसका निर्णय संबंधित दंपती ही कर सकता है। किसी को भी अपनी रिपोर्ट, उपचार या निजी परिस्थितियों का विवरण देने के लिए बाध्य महसूस नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो शांतिपूर्वक अपनी सीमा स्पष्ट करना बेहतर है।

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