दिल्ली की हवा में घुला जहर, सांसों पर मंडराया संकट

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का प्रकोप लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। आसमान में छाई धुंध के बीच अब हवा भी लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। हालात ऐसे हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में सांस लेना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कई स्थानों पर 400 के पार पहुंचने के साथ गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। प्रदूषण की इस मार ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

दिल्ली के 20 निगरानी केंद्रों पर गंभीर AQI

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजधानी के 20 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि दिल्ली का औसत एक्यूआई 369 रहा। सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में देखने को मिली, जहां सूचकांक 447 तक पहुंच गया। वहीं आईआईटी क्षेत्र में 438, रोहिणी में 433, डीटीयू में 432 और विवेक विहार में 428 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा अलीपुर में 419, नरेला में 418 और बवाना में 408 का स्तर रिकॉर्ड किया गया। ये आंकड़े राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति बयां कर रहे हैं।

एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण का असर

दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का असर दिखाई दिया। गुरुग्राम में एक्यूआई 321 और नोएडा में 305 दर्ज किया गया। वहीं गाजियाबाद में 229 और फरीदाबाद में 125 का स्तर रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार गंभीर श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में लोगों को खुले में अनावश्यक गतिविधियों से बचने और प्रदूषण संबंधी सावधानियां बरतने की जरूरत है। राजधानी में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली हवा से राहत कब मिलेगी?

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