मुकेश अंबानी ने एशिया के सबसे धनवान कारोबारी का ताज फिर हासिल किया, झांग यिमिंग को छोड़ा पीछे

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दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों की संपत्ति में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 88.8 अरब डॉलर हो गई है। इस बढ़ोतरी के साथ वह एशिया के सबसे धनी व्यक्ति बन गए हैं और दुनिया के अमीरों की सूची में 22वें पायदान पर पहुंच गए हैं। इस दौड़ में उन्होंने बाइटडांस के सह-संस्थापक झांग यिमिंग को पीछे छोड़ा है, जिनकी संपत्ति घटकर 84 अरब डॉलर रह गई और वह 25वें स्थान पर आ गए।

वहीं, अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी 80.1 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 26वें नंबर पर हैं। अंबानी की संपत्ति में यह उछाल रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार को आई करीब 12 प्रतिशत की तेजी के बाद दर्ज किया गया। कंपनी के बाजार मूल्य में भी 19 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि हुई। इस घटनाक्रम ने भारतीय उद्योग जगत में रिलायंस की मजबूत स्थिति को फिर रेखांकित किया है।

तिमाही नतीजों ने बाजार में बढ़ाया भरोसा

शेयरों में तेजी के पीछे कंपनी के जुलाई से सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणामों को अहम वजह माना जा रहा है। रिलायंस ने इस अवधि में अब तक का अपना सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी दौरान EBITDA में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 62,409 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध लाभ 34 प्रतिशत उछलकर 29,550 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह किसी एक तिमाही में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा है।

तेल और रसायन कारोबार ने दिया बड़ा योगदान

कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में 44.2 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 2.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। EBITDA में करीब 67.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 25,203 करोड़ रुपये रहा। रिफाइनिंग से जुड़े परिवहन ईंधन के मार्जिन में भी पिछले साल की तुलना में तीन से 3.7 गुना तक सुधार हुआ।

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से भी मिला सहारा

रिलायंस समूह की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शुरुआत भी कंपनी के लिए अहम रही। 28 अक्टूबर को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने के बाद इसके शेयरों में 27 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी के आईपीओ के जरिए लगभग 106 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 3.2 अरब डॉलर जुटाए गए थे। रिलायंस की इसमें करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है रिलायंस

धीरूभाई अंबानी ने 1957 में इस कारोबारी समूह की नींव रखी थी। आज रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 17.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। जियो देश की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी है और जून तक उसके ग्राहकों की संख्या 53.3 करोड़ से ज्यादा थी। कंपनी को फोर्ब्स की ग्लोबल 2000 सूची में दुनिया की सार्वजनिक कंपनियों के बीच 55वां स्थान मिला था। कारोबार के इन मजबूत आंकड़ों ने अंबानी की संपत्ति में आई बढ़ोतरी को नई गति दी है।

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