नई दिल्ली: बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा के बयान पर तीखा पलटवार किया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने कहा कि नेहा बोरा ने बांग्लादेश में तख्तापलट के दौरान हुई घटनाओं से प्रेरणा ली है। भाटिया ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हुए, हिंदू महिलाओं के साथ बर्बरता हुई और हत्याएं हुईं, इसके बावजूद नेहा बोरा आज सभी पुजारियों का अपमान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज सहनशील है और पुजारी समाज की सेवा करते हैं, बच्चियों को पढ़ाते हैं और उनके भविष्य को बेहतर बनाते हैं।
मुस्लिम बच्चियों के साथ दुराचार
भाटिया ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो नेहा बोरा ये भी बोलकर दिखाएं कि मस्जिदों और मदरसों में मौलवी मुस्लिम बच्चियों के साथ दुराचार करते हैं। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा ऐसा कभी नहीं कहेंगी, ये चुनिंदा विरोध गलत मंशा से किया जा रहा है।
क्या कहा था नेहा बोरा ने?
दरअसल, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा था कि महिलाओं को ब्राह्मणवादी व्यवस्था से सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा था, “सुरक्षा बेहद जरूरी है और ये सुरक्षा खासतौर पर ब्राह्मणवादी व्यवस्था से चाहिए। ये ऐसी व्यवस्था है जो मानती है कि गरीब, शोषित, जानवर और महिलाएं दमन के ही लायक हैं। इस व्यवस्था में ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। मंदिरों के अंदर पुजारी दुष्कर्म करते हैं, हमने ऐसी घटनाएं देखी हैं।” इसी बयान के बाद विवाद शुरू हुआ और बीजेपी ने इसे हिंदू आस्था पर हमला बताया।
राहुल गांधी पर भी निशाना
गौरव भाटिया ने इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने राहुल को ‘भस्मासुर’ बताते हुए कहा कि वह अराजकता और लोकतंत्र को कमजोर करने की राजनीति करते हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद वह सरकार गिराने और सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं। भाटिया ने कहा कि भारत की ताकत उसका लोकतंत्र, संविधान और पिछले 12 साल की स्थिरता है, जबकि विपक्ष का रवैया अराजक और संविधान विरोधी है। राहुल गांधी लोकतंत्र खत्म कर देश में अराजकता लाना चाहते हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष लगातार सत्ता परिवर्तन की बात कर रहा है। अगर यही रवैया रहा तो जनता उन्हें गैरजिम्मेदार मानकर उनके राजनीतिक भविष्य पर विराम लगा देगी।












