बैंक की चौखट पर भरोसे का कत्ल, किसानों की जीवनभर की कमाई पर कथित डाका

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ग्रेटर नोएडा: जिस बैंक की चौखट पर किसान अपनी खून-पसीने की कमाई सुरक्षित रखने का भरोसा लेकर पहुंचते थे उसी बैंक में कथित तौर पर उनकी जमा पूंजी का खेल चलता रहा। पंजाब नैशनल बैंक की सेक्टर पाई-1 स्थित ऐच्छर शाखा में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी ने बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। बचत खातों से लेकर सावधि जमा तक, ग्राहकों की रकम कथित तौर पर चोरी-छिपे दूसरे खातों में पहुंचाई जाती रही।

करोड़ों की अनियमितता में कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप

शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये गायब होने की बात सामने आई थी। बैंक की प्रारंभिक जांच में 10.24 करोड़ रुपये की अनियमितता चिह्नित हुई, जबकि ताजा जांच में संदिग्ध लेनदेन का आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस सनसनीखेज मामले में बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी और उसके सहयोगी अशुतोष पाठक पर मिलीभगत का आरोप है। जांच के मुताबिक छह बैंक अधिकारियों की लॉगिन पहचान और कूटशब्द का कथित दुरुपयोग कर खातों में सेंध लगाई गई। 49 सावधि जमा खातों में भी हेराफेरी की आशंका जताई गई है। ग्राहकों तक लेनदेन के संदेश न पहुंचें इसके लिए संदेश सेवा बंद करने और दस्तावेज नष्ट करने के आरोप भी सामने आए हैं।

महिला ग्राहक की शिकायत से पर्दाफाश          

इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब एक महिला ग्राहक पासबुक अद्यतन कराने पहुंची। खाते में संदिग्ध लेनदेन देखकर शिकायत की गई और धीरे-धीरे कथित घोटाले की परतें खुलने लगीं। अब तक करीब 35 खाताधारकों के शिकायत लेकर पहुंचने की जानकारी है।सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शाखा प्रबंधक समेत कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अब जांच एजेंसी की नजर धन के लेनदेन और कथित लाभार्थियों पर है। सवाल यही है—जब बैंक के भीतर ही भरोसे की तिजोरी टूटने लगे, तो किसानों की मेहनत की कमाई की हिफाजत कौन करेगा?

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