नकली सिक्कों का काला कारोबार बेनकाब, क्राइम ब्रांच ने तोड़ी जालसाजों की सप्लाई चेन

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नई दिल्ली: देश की मुद्रा की साख से खिलवाड़ कर बाजार में नकली सिक्के खपाने की साजिश पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा टीम ने करारा प्रहार किया है। पश्चिमी रेंज-1 की टीम ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए करीब एक लाख रुपये अंकित मूल्य के नकली सिक्के बरामद किए हैं। पुलिस ने सिक्कों की खेप लेकर पहुंचे पारस जैन को मौके से दबोचा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा तो कथित मुख्य सप्लायर और निर्माता उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास कार से मिले 5,000 नकली सिक्के, पारस जैन गिरफ्तार।

क्राइम ब्रांच डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि उपनिरीक्षक गुमान सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मुंडका औद्योगिक क्षेत्र मेट्रो स्टेशन के पास सफेद टोयोटा इटियॉस कार से नकली 20 रुपये के सिक्कों की खेप पहुंचाने आने वाला है। सूचना पर निरीक्षक आशीष शर्मा के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी की और वाहन संख्या HR-26-EW-3688 को रोक लिया। तलाशी में पिछली सीट से एक काला लैपटॉप बैग और प्लास्टिक की बोरियों में रखी 50 पॉलिथीन थैलियां मिलीं। प्रत्येक थैली में 100 नकली सिक्के थे। इस तरह कुल 5,000 नकली सिक्के बरामद हुए जिनका अंकित मूल्य एक लाख रुपये था।

जांच में मुख्य सप्लायर उपकार लूथरा समेत चार आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क का खुलासा

पूछताछ में पारस ने खुलासा किया कि वह ये सिक्के उपकार लूथरा से करीब 70 हजार रुपये में खरीदकर आगे बाजार में खपाने वाला था। जांच में पता चला कि उपकार अपने साथियों के साथ हरियाणा के सोनीपत से निर्माण इकाई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थानांतरित कर रहा था। सहारनपुर पुलिस की विशेष अभियान टीम ने उन्हें पकड़ा था। दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों को सहारनपुर जेल से अदालत में पेश करवाकर पूछताछ की। इसके बाद उपकार लूथरा अनुराग पाल उर्फ लंकेश और जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष को गिरफ्तार किया गया। दो अन्य आरोपियों कुलदीप और हिमांशु उर्फ गुल्लू से भी पूछताछ की गई।

कार, आईफोन और लैपटॉप बैग बरामद, नकली सिक्कों के नेटवर्क की जांच जारी

बरामदगी में नकली सिक्कों के अलावा टोयोटा इटियॉस कार, आईफोन-12 मिनी और लैपटॉप बैग शामिल हैं। मामले में अपराध शाखा थाने में प्राथमिकी संख्या 214/2026 दर्ज है। सभी चारों गिरफ्तार आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक आशीष शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रकाश, उपनिरीक्षक गुमान सिंह, सहायक उपनिरीक्षक संदीप चावला, हेड कांस्टेबल सौरव, हेड कांस्टेबल हरपाल और हेड कांस्टेबल अमित शामिल रहे। पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त राज कुमार की निगरानी में तथा पुलिस उपायुक्त अपराध शाखा हर्ष इंदौरा के निर्देशन में की गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नकली सिक्कों के निर्माण व वितरण के पूरे तंत्र की पड़ताल कर रही है।

 

Reported By: Pankaj Rai

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