नवंबर की शुरुआत इस बार सिर्फ तारीख बदलने तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा के वित्तीय फैसलों से लेकर कारोबार चलाने और भविष्य की बचत करने तक कई मोर्चों पर नई व्यवस्था सामने आई है। मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान आसान बनाने की तैयारी अब सेवा के रूप में लागू हो रही है। दूसरी तरफ, क्रेडिट कार्ड से बिजली-पानी जैसे खर्च निपटाने वालों को भुगतान की सीमा पर नजर रखनी होगी, क्योंकि तय रकम से ऊपर लेनदेन करने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए जीवन प्रमाण की समयसीमा शुरू हो गई है। निवेश के क्षेत्र में म्यूचुअल फंड का विकल्प चुनने का तरीका बदलेगा और गोल्ड बॉन्ड धारकों के लिए निकासी की निर्धारित तारीखें सामने हैं। कैंसर की दवाओं की कीमतों पर भी सरकारी फैसले का असर नौ नवंबर से दिखाई देने की उम्मीद है।
अब मोबाइल की घंटी के साथ खुलेगी कॉलर की पहचान
फोन पर आने वाली हर अनजान कॉल अब पहले जैसी पहेली नहीं रहेगी। कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी सीएनएपी व्यवस्था के जरिए कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति को स्क्रीन पर फोन करने वाले का नाम दिखाने की सुविधा दी जा रही है। खास बात यह है कि इसके लिए नंबर का मोबाइल में सेव होना जरूरी नहीं होगा।
शुरुआती उपलब्धता 4जी और 5जी नेटवर्क पर रखी गई है। पहचान के लिए दूरसंचार कनेक्शन लेते समय दर्ज कराया गया नाम इस्तेमाल होगा। इससे उपभोक्ता यह तय करने में बेहतर स्थिति में होंगे कि किस कॉल का जवाब देना है। हालांकि, केवल नाम दिखाई देना किसी कॉल की विश्वसनीयता की पूरी गारंटी नहीं है।
क्रेडिट कार्ड से बिल भरने वालों को अब हिसाब रखना होगा
जो ग्राहक बड़े बिजली, पानी, इंटरनेट या टेलीफोन बिल क्रेडिट कार्ड से चुकाते हैं, उनके लिए खर्च का गणित बदल गया है। पंजाब नेशनल बैंक ने 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला लागू किया है। एक लेनदेन पर इसकी अधिकतम सीमा दो हजार रुपये होगी।
इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो एक ही कार्ड से घर या कारोबार के बड़े मासिक बिल निपटाते हैं। भुगतान करने से पहले राशि और लगने वाले शुल्क की जांच करना अब जरूरी होगा। छोटी रकम के भुगतान और बड़ी रकम के भुगतान के बीच यह अंतर ग्राहकों की भुगतान संबंधी पसंद को प्रभावित कर सकता है।
पेंशन में रुकावट से बचने के लिए नवंबर अहम
सरकारी पेंशन पाने वाले 80 साल से कम उम्र के लाभार्थियों को 30 नवंबर तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनधारकों के लिए यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
बैंक की शाखा में जाकर दस्तावेज जमा करने के अलावा डिजिटल रास्ता भी उपलब्ध है। जीवन प्रमाण सुविधा के जरिए आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान से प्रमाण पत्र भेजा जा सकता है। समय पर यह औपचारिकता पूरी करना जरूरी है, ताकि पेंशन भुगतान से जुड़ी परेशानी से बचा जा सके।
कारोबारियों को साझा दफ्तर से काम करने में मिलेगी सहूलियत
छोटे कारोबार, स्टार्टअप और स्वतंत्र पेशेवरों के लिए को-वर्किंग स्पेस का इस्तेमाल अब जीएसटी पंजीकरण में भी उपयोगी होगा। साझा कार्यालय की सदस्यता और स्पष्ट पते से जुड़े दस्तावेज देकर कारोबारी इस स्थान को अपने पंजीकरण के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। आधार आधारित सत्यापन वाले मामलों में सामान्य तौर पर अधिकारी पते की मौके पर जांच नहीं करेंगे। गड़बड़ी या धोखाधड़ी की आशंका होने पर जांच का रास्ता खुला रहेगा। जीएसटी अपील, नोटिस और रिफंड से संबंधित प्रक्रियाओं में भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले खर्च पर भी नजर
ऑनलाइन म्यूचुअल फंड खरीदने वालों के सामने अब डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प के रूप में आएगा। रेगुलर प्लान लेने की इच्छा रखने वाले निवेशकों को उसके अधिक एक्सपेंस रेश्यो की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशक दोनों विकल्पों की लागत समझकर फैसला कर सकेंगे। केवल कम खर्च देखकर निवेश करना पर्याप्त नहीं है; योजना की प्रकृति और अपनी जरूरतों को भी समझना जरूरी है।
गोल्ड बॉन्ड और कैंसर दवाओं से जुड़ी दो अहम तारीखें
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुछ पुरानी सीरीज में नवंबर के दौरान समय से पहले निकासी की सुविधा निर्धारित है। 2020-21 सीरीज-7 के लिए दो नवंबर, सीरीज-8 के लिए 18 नवंबर और सीरीज-2 के लिए 19 नवंबर की तारीख तय है। 2021-22 सीरीज-1 के निवेशक 25 नवंबर को रिडेम्पशन करा सकेंगे।
वहीं, कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 137 गैर-अनुसूचित दवाओं पर व्यापार मार्जिन की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। एनपीपीए का यह निर्णय नौ नवंबर से प्रभावी होगा। मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर कुछ दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। नई दरें एनपीपीए की वेबसाइट और फार्मा सही दाम एप पर देखी जा सकेंगी।
नवंबर का असली असर अब लोगों के मासिक बजट और फैसलों में दिखाई देगा। किसी के लिए यह डिजिटल सुविधा का विस्तार है, तो किसी के लिए अतिरिक्त शुल्क से बचने की चुनौती। इसलिए इस महीने केवल नए नियम जानना नहीं, बल्कि उनके मुताबिक अपनी भुगतान, निवेश और जरूरी दस्तावेजों की योजना बनाना भी महत्वपूर्ण होगा।











